हमें कोरोना के तीसरे लहर के लिए तैयार रहना होगा

देश में वैक्सिनेशन में तेजी लाने की जरूरत है. (सांकेतिक तस्वीर)

भारत में अब कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने लगा है. पिछले 10-15 दिन में एक्टिव केस तेजी से घटे हैं. यह हमारे लिए एक मौका है कि हम अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं को चुस्त-दुरुस्त कर सकें और ज्यादा से ज्यादा लोगों का वैक्सिनेशन करवा सकें. वैज्ञानिकों ने साफतौर पर चेता दिया है कि कोरोना की तीसरी लहर भी आएगी. ऐसे में हमें इस मौके का सदुपयोग करने के लिए जुट जाना चाहिए.

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भारत में अब कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने लगा है. पिछले 10-15 दिन में एक्टिव केस तेजी से घटे हैं. बहुत से देशों में तो लोग बिना मास्क लगाए मस्ती में घूमना शुरू कर चुके हैं, जैसे कि कोरोना महामारी खत्म हो चुकी है. उन्होंने दो टीके क्या लगवा लिए अब उन्हें लगता है कि कोई खतरा नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने सारी दुनिया को ये चेतावनी दे दी है कि कोरोना महामारी के लिहाज से 2021 का साल 2020 से ज्यादा खतरनाक है.

कोरोना के लक्षण व गहनता भी अपने अलग-अलग रूप में पाया जा रहा है. यह बहुत ज्यादा तेजी से फैलता है. चिंताजनक बात यह है कि इस संक्रमण से सबसे ज्यादा गांव के लोग भी प्रभावित होने शुरू हो चुके हैं. ऐसे में हमारे गांवों के करोड़ों लोग भगवान भरोसे रह जाएंगे. न उनके पास दवा है, ना डॉक्टर और ना ही अस्पताल. उनके पास ना ही इतने पैसे हैं कि शहर के अस्पताल जा कर इलाज करा सकें.

इस समय भारत में तकरीबन 20 करोड़ लोगों को टीका लग चुका है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. लेकिन अगर कोरोना का तीसरा हमला हो गया तो क्या पता भारत ही दुनिया का सबसे दुखी देश बन जाए. हमारे देश ने करोड़ से ज्यादा टीके दर्जनो देशों को दिया है. कई देश तो मदद में भी आनाकानी कर रहे हैं. भारत को मदद की पेशकश भी अगर दी जा रही है तो महंगे मूल्यों पर. उन्हें टीके की लागत मूल्य से महंगे दाम पर टीका मिलेगा.

हमारे देश की स्थिति विकट रूप धर सकती हैं. हमें भोलेपन से काम नहीं लेना चाहिए. बहुत सी दवाइयां, इन्जेक्शन जो एयरपोर्टो पर धूल खा रही हैं, उनका सही उपयोग हमें व हमारे लोगों को सरकार द्वारा मुहैया कराया जाना चाहिए. जो भी हो भारत में बुजुर्गों व वरिष्ठ नागरिकों का ध्यान रखते हुए उनका टीकाकरण जल्द से जल्द किया जाना चाहिए. नौजवानों को अपने टीकाकरण के नियम का पालन करते हुए सुरक्षित रहने का प्रयास करना चाहिए. जो भी हो भारत के 140 करोड़ लोगों को कमर कसनी ही पड़ेगी.

वैज्ञानिकों ने साफतौर पर चेता दिया है कि कोरोना की तीसरी लहर भी आएगी. ऐसे में हमें इस वक्त का सदुपयोग करने के लिए जुट जाना चाहिए. अगर कोरोना का तीसरा हमला हो गया तो उसका मुकाबला डट कर करना पड़ेगा. टीका, इंजेक्शन, ऑक्सीजन वगैरह तो जुटाए ही जाए, साथ ही मास्क, शारीरिक दूरी, योग, घरेलू इलाज के साथ साथ अपना मनोबल बुलंद बना कर रखा जाए. कुल मिलाकर यह हमारे लिए एक मौका है कि हम अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं को चुस्त-दुरुस्त कर सकें और ज्यादा से ज्यादा लोगों का वैक्सिनेशन करवा सकें.

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)