अपना शहर चुनें

States

आखिर क्‍यों बर्ड फ्लू की चपेट में सबसे पहले आती हैं मुर्गियां, कौए और कबूतर

बर्ड फ्लू से देशभर में कौओं, मुर्गियों की मौत सबसे ज्‍यादा हुई है. (Pic- ANI)
बर्ड फ्लू से देशभर में कौओं, मुर्गियों की मौत सबसे ज्‍यादा हुई है. (Pic- ANI)

भारत में एवियन इन्‍फ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू से अभी तक सबसे ज्‍यादा कौओं, मुर्गियों और कबूतरों आदि पक्षियों की मौत हुई है. क्‍या कभी आपने सोचा है कि बर्ड फ्लू (Bird Flu) की चपेट में सबसे पहले मुर्गे-मुर्गियां, कौए, कबूतर और बतख आदि ही क्‍यों आते हैं, जबकि पक्षियों की तो हजारों प्रजातियां हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 5:17 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. बर्ड फ्लू बीमारी का प्रकोप पिछले कुछ साल में आम हो गया. लगभग हर तीन से पांच साल के बाद बर्ड फ्लू यानी एवियन इन्‍फ्लूएंजा (Avian Influenza) की चपेट में आकर मुर्गी, कौए, कबूतर और बतखों के मरने का सिलसिला शुरू हो जाता है. इतना ही नहीं पॉल्‍ट्री फार्म में मौजूद मुर्गियां जिन्‍हें चिकन (खाने के लिए मांस) के रूप में बेचने के लिए पाला जाता है, इनमें बीमारी फैल जाती है. और बीमार मुर्गी के संपर्क में आई सभी मुर्गियों को भी बर्ड फ्लू के डर से जिंदा दफना दिया जाता है. कभी आपने सोचा है बर्ड फ्लू (Bird Flu) की चपेट में सबसे पहले मुर्गे-मुर्गियां, कौए, कबूतर और बतख आदि ही क्‍यों आते हैं, जबकि पक्षियों की तो हजारों प्रजातियां हैं.

इस साल भी देशभर में बर्ड फ्लू का खतरा मंडरा रहा है. लगभग हर राज्‍य में बर्ड फ्लू (एवियन इन्‍फ्लूएंजा) के मामलों की पुष्टि हो चुकी है. यहां तक कि उत्‍तर पश्चिम और उत्‍तर-मध्‍य भारत के लगभग सभी राज्‍यों में हजारों कौए (Crow), मुर्गियां, बतख, कबूतर और मोर आदि पक्षियों की बर्ड फ्लू से मौत के मामले सामने आ चुके हैं. इन राज्‍यों में मरने वाले ज्‍यादातर पक्षी कौए हैं. ये सभी वे कौए हैं जो अधिकांशत: शहरों में पाए जाते हैं.

पक्षी विशेषज्ञ एन शिवकुमार बताते हैं कि बर्ड फ्लू भी कोरोना (Corona) की तरह ही फैलने वाला रोग है. हालांकि कोरोना अब इंसान से इंसान में फैल रहा है वहीं बर्ड फ्लू अभी तक पक्षियों से पक्षियों में ही है.



देशभर में बर्ड फ्लू से कौओं की मौत बढ़ती जा रही हैैै .
देशभर में बर्ड फ्लू से कौओं की मौत बढ़ती जा रही हैैै .

यह भारत में अभी इंसानों में नहीं पहुंचा है लेकिन इसका फैलाव और श्‍वसनतंत्र पर प्रभाव कोरोना के साथ-साथ टीबी (TB) जैसा भी है. बर्ड फ्लू सबसे पहले उन पक्षियों को पकड़ता है जिनकी इम्‍यूनिटी कमजोर (Weak Immunity) है. जिसकी इम्‍यूनिटी मजबूत है, उसे बर्ड फ्लू बीमार नहीं कर पाता.



कौओं, मुर्गियों और बतखों की बात करें तो शहरों में रहने वाले सभी पक्षी कमजोर इम्‍यूनिटी वाले होते हैं. शहरों में वायु, जल और ध्‍वनि प्रदूषण के चलते ये पक्षी कमजोर होते जाते हैं. वहीं इनके खाने-पीने की चीजें भी अशुद्ध होती हैं जो इन्‍हें अंदर से कमजोर कर देती हैं. कौए कहीं से भी कुछ भी उठा के खा लेते हैं. कबूतरों के लिए सड़कों पर वायु प्रदूषण के बीच में अनाज डाला जाता है. कई-कई दिनों का गंदा पानी ये पीते हैं. वहीं, पानी के तालाबों में भी प्रदूषण के कारण बतखें बीमार रहती हैं. यही वजह है कि बर्ड फ्लू जंगल में कम जबकि शहरी पक्षियों में तेजी से फैलता है और सबसे जल्‍दी चपेट में कौए, कबूतर, बतख आ जाती हैं.

पॉल्‍ट्री फार्म की मुर्गी में इसलिए तेजी से फैलता है बर्ड फ्लू

आगे पढ़ें
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज