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आज का मौसम, 30 नवंबर: उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी और शीतलहर की संभावना, इन चार राज्‍यों में भारी बारिश का अलर्ट

राज्‍यों में हो सकती है भारी बारिश. (File Pic)
राज्‍यों में हो सकती है भारी बारिश. (File Pic)

Weather Forecast Today: उत्तर भारत में इस बार अधिक कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है और ज्यादा शीतलहर (Cold Wave) चल सकती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 30, 2020, 7:08 AM IST
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नई दिल्‍ली. बंगाल की खाड़ी (Bay Of Bengal) के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है जिसके सोमवार को गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने का अनुमान है. इसके चलते अगले चार दिनों तक तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश (Rain Alert) होने के आसार हैं. वहीं उत्तर भारत में इस बार अधिक कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है और ज्यादा शीत लहर चल सकती हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को यह जानकारी दी.

तमिलनाडु में मत्स्य विभाग के मंत्री डी जयकुमार ने कहा कि पूर्वानुमान के मद्देनजर गहरे समुद्र में मछली पकडने गई तमिलनाडु की 200 से भी अधिक नावों को सकुशल वापस लाने के लिए राज्य सरकार कदम उठा रही है. क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने एक बुलेटिन में बताया कि शनिवार से दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिणपूर्वी बंगाल की खाड़ी से सटे इलाकों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है.

बुलेटिन में बताया गया, 'इसके अगले 24 घंटे में गहरे दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने का अनुमान है. इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ने और दो दिसंबर को दक्षिणी तमिलनाडु तट के नजदीक पहुंचने का अनुमान है.' इसके प्रभाव की वजह से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में तीन दिसंबर तक हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने का पुर्वानूमान है.



आईएमडी ने ट्वीट करके बताया, 'तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, केरल और माहे, लक्षद्वीप, आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय इलाके और दक्षिण रायलसीमा में एक दिसंबर से तीन दिसंबर के बीच हल्की या भारी बारिश का अनुमान है.' केरल के इडुक्की जिले में बुधवार के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है और मछुआरों को 30 नवंबर मध्यरात्रि से समुद्र में जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है. वहीं तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथनमथिट्टा जिलों के लिए दो दिसंबर को ऑरेंज अलर्ट और अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों में इसी दिन के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने रविवार को कहा कि उत्तर भारत में इस बार अधिक कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है और ज्यादा शीत लहर चल सकती हैं. आईएमडी ने दिसंबर से फरवरी के लिए अपने सर्दियों के पूर्वानुमान में कहा कि उत्तर और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है.

महापात्र ने कहा, 'उत्तर भारत में इस मौसम में अधिक कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना है. शीत लहर अधिक चलने की संभावना है.' उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में रात का तापमान सामान्य से कम रह सकता है, वहीं दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. पश्चिमी तट और दक्षिण भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.

आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा, 'आगामी सर्दी के मौसम (दिसंबर से फरवरी) में उत्तर, उत्तर पश्चिम, मध्य भारत के अधिकतर उपसंभागों में और पूर्वी भारत के कुछ उपसंभागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है.' उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हर साल सर्दी के मौसम में शीत लहर के प्रकोप से अनेक लोगों की जान चली जाती है.

महापात्र ने पिछले महीने एक वेबिनार में संकेत दिया था कि इस बार ला नीना प्रभाव की वजह से अधिक कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है. ला नीना प्रशांत महासागर के पानी के शीतलन से जुड़ा घटनाक्रम है. आईएमडी के मौसम विज्ञान के लिहाज से चार भाग हैं. इनमें उत्तर पश्चिम भारत, दक्षिण प्रायद्वीप, पूर्व एवं उत्तर पूर्व भारत तथा मध्य भारत हैं.

उत्तर पश्चिम भाग में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख हैं. मध्य भारत में गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों का बड़ा हिस्सा आता है, वहीं दक्षिण प्रायद्वीपीय संभाग में समस्त दक्षिणी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी आते हैं. पूर्व और उत्तर पूर्व भारत संभाग में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के सारे राज्य आते हैं.
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