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Weather Forecast: उत्तराखंड में आज हल्की बारिश के आसार, इस हफ्ते दिल्ली में भी बरसेंगे बादल

Weather Forecast: उत्तराखंड में आज हल्की बारिश के आसार, इस हफ्ते दिल्ली में भी बरसेंगे बादल

 इस सप्ताह राजधानी दिल्ली  समेत भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश के आसार हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

इस सप्ताह राजधानी दिल्ली समेत भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश के आसार हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

Weather Forecast: IMD ने जनकारी दी है कि 23 और 24 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरी राजस्थान और उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश हो सकती है. जबकि, इस दौरान दिल्ली में हल्की बारिश के आसार हैं.

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    नई दिल्ली. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने संभावना जताई है कि दक्षिण पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) 26 अक्टूबर तक पूरी तरह विदा हो जाएगा और 26 अक्टूबर के आसपास उत्तर-पूर्वी मानसून (Northeast Monsoon) की बारिश का दौर शुरू हो सकता है. जिसके चलते दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत यानि केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और करईकल में भारी बारिश होने की संभावना है. IMD के अनुसार, इस सप्ताह राजधानी दिल्ली (Delhi) समेत भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश के आसार हैं.

    IMD की तरफ से गुरुवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी हो सकती है. विभाग ने जनकारी दी है कि 23 और 24 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरी राजस्थान और उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश हो सकती है. जबकि, इस दौरान दिल्ली में हल्की बारिश के आसार हैं.

    जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में 23 अक्टूबर को गरज के साथ तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश की संभावना है. साथ ही इस सप्ताह उत्तर-पूर्वी राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ज्यादातर दिन बारिश हो सकती है. वहीं, देश के अन्य हिस्सों में यह सप्ताह शुष्क गुजरेगा.

    अक्टूबर के 20 दिनों में 41 प्रतिशत ज्यादा बारिश
    भारत में एक अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई और अकेले उत्तराखंड को सामान्य से पांच गुना ज्यादा बारिश का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग के आंकड़ों में बृहस्पतिवार को यह जानकारी सामने आई.

    आईएमडी ने कहा कि इस महीने में देश में सामान्य रूप से 60.2 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार 84.8 मिलीमीटर बारिश हुई. देश के 694 जिलों में से 45 प्रतिशत (16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 311 जिले) में ‘बहुत ज्यादा’ बारिश हुई. उत्तराखंड में एक अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच सामान्य (35.3 मिलीमीटर) के मुकाबले 192.6 मिलीमीटर बारिश हुई जिससे 54 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. केरल में इस दौरान 445.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जिससे 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई.

    सिक्किम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश हुई जिससे जानमाल का काफी नुकसान हुआ. विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र के गर्म होने, बेरोकटोक विकास और मानसून की वापसी में हुई देरी इस अतिवृष्टि का कारण हो सकती है. आईआईटी मद्रास के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर बालाजी नरसिम्हन का कहना है कि निश्चित तौर पर यह ‘असामान्य’ अक्टूबर था. उन्होंने इसके लिए ‘अवसंरचनात्मक चुनौतियों और बेरोकटोक हो रहे विकास कार्यों को जिम्मेदार ठहराया.’

    नरसिम्हन ने 2015 में चेन्नई में आई बाढ़ का भी अध्ययन किया था. उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘मौसम में इस तरह के बदलाव पहले भी होते रहे हैं. लेकिन अब घनी आबादी वाले क्षेत्र विकसित हो रहे हैं जिससे इसका प्रभाव बढ़ जाता है.’ वर्ष 2015 में चेन्नई में इतनी बारिश हुई थी जितनी सौ साल में नहीं हुई थी और उस आपदा से 250 लोग मारे गए थे. भारी बारिश का कारण समझाते हुए आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अक्टूबर में वातावरण में कम दबाव के क्षेत्र निर्मित हुए.

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ और कम दबाव के क्षेत्र के कारण इस सप्ताह भारी बारिश हुई. तीन दशक तक दक्षिण पश्चिमी मानसून का अध्ययन करने वाले और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में पूर्व सचिव एम राजीवन ने कहा कि मानसून ने इस बार बहुत देर से वापसी की. (भाषा इनपुट के साथ)

    Tags: Delhi, Monsoon, Rainfall, Uttarakhand Rains, Weather forecast

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