Weather Forecast Live Updates: पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हो सकती है बारिश और बर्फबारी, दिल्ली में हवा के हालात सुधरने के संकेत नहीं

  (AP Photo/Altaf Qadri)
(AP Photo/Altaf Qadri)

Weather Forecast Today: देश के कई हिस्सों में गुरुवार को तापमान में और गिरावट दर्ज किए जाने की संभावना है. साथ ही दिल्ली में हवा बदलने के आसार अब भी दिखाई नहीं दे रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 19, 2020, 10:10 AM IST
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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में बर्फबारी के एक दिन बाद बुधवार को उत्तर भारत के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई. जम्मू-कश्मीर में गुलमर्ग सबसे ठंडा स्थान रहा जहां का तापमान शून्य से छह डिग्री कम दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार संघ शासित प्रदेश के कुछ हिस्सों में गुरुवार को बारिश और बर्फबारी हो सकती है. मौसम विज्ञान विभाग ने अगले सप्ताह के अपने पूर्वानुमान में कहा, ‘पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इसके अलावा देश के अन्य भागों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है.’

मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, केरल और लक्षद्वीप में बारिश के आसार जताए हैं. वहीं, बुधवार को इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में घना कोहरा रहा जिसके कारण जनजीवन प्रभावित हुआ. राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों से ठंडी हवाएं बहने के कारण शनिवार तक इसमें और गिरावट होने का अनुमान है.

 अगले चौबीस घंटे में तापमान में और गिरावट होने का अनुमान
शहर का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार 16 नवंबर को छोड़कर इस महीने दिल्ली का न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री नीचे दर्ज किया गया. हिमाचल प्रदेश में इस मौसम की पहली बर्फबारी होने के दो दिन बाद ठंड की स्थिति बरकरार रही. लाहौल और स्पीति के प्रशासनिक केंद्र केलोंग सबसे ठंडा स्थान रहा जहां का तापमान शून्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया.
राजस्थान हिस्सों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई और माऊंट आबू में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राज्य में अगले चौबीस घंटे में तापमान में और गिरावट होने का अनुमान है. हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में मध्यम और घना कोहरा छाया रहा जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ. भारत के दक्षिणी भाग में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हुई.



दिल्ली की वायु गुणवत्ता में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं
दूसरी ओर दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बुधवार को मामूली रूप से खराब हुई और यह 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई क्योंकि हवा की दिशा बदलने के बाद, पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण का शहर में प्रभाव बढ़ गया. दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज किया गया. हालांकि, दिन बढ़ने के साथ प्रदूषण का स्तर थोड़ा बढ़ गया. 24 घंटे का औसत एक्यूआई 211 दर्ज किया गया. यह मंगलवार को 171 था.

शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक को अच्छा, 51 से 100 के बीच को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को 'मध्यम', 201 से 300 के बीच को 'खराब', 301 से 400 के बीच को 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच को 'गंभीर' माना जाता है. मौसम विशेषज्ञों और सरकारी एजेंसियों का कहना है कि अगले तीन-चार दिनों में इसमें बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है.

पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी पाकिस्तान में लगभग 800 स्थानों पर पराली जली
मौसम विज्ञान विभाग के पर्यावरण अनुसंधान केंद्र के प्रमुख वी के सोनी ने कहा कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण बुधवार को पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण का प्रभाव थोड़ा बढ़ गया. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की, वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाली इकाई ‘सफर’ ने कहा कि पराली जलाने की वजह से दिल्ली में पीएम 2.5 प्रदूषण पर असर आठ प्रतिशत रहा. यह मंगलवार को तीन प्रतिशत था.

सोनी ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी पाकिस्तान में लगभग 800 स्थानों पर पराली जलते देखी गई. हालांकि, दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता पर इसका प्रभाव अधिक नहीं होगा. उन्होंने कहा कि एक्यूआई में शुक्रवार को अनुकूल हवा की गति के चलते सुधार होगा और यह 'मध्यम' श्रेणी में आ जाएगा.

‘वेंटिलेशन इंडेक्स’ 7500 वर्ग मीटर प्रति सेकंड रहने के आसार
दिल्ली के लिए केंद्र सरकार के ‘एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम’ ने भी कहा कि दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता गुरुवार और शुक्रवार को 'मध्यम' श्रेणी में और 'खराब' श्रेणी के निचले स्तर पर बने रहने की संभावना है. बुधवार को, सतही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी थी और हवा की अधिकतम गति 10 किमी प्रति घंटा थी.

न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमशः 10.6 डिग्री सेल्सियस और 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा. दिल्ली का ‘वेंटिलेशन इंडेक्स’ बुधवार को लगभग 5,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड था और गुरुवार को 7,500 वर्ग मीटर प्रति सेकंड रहने की संभावना है.

मौसम विभाग ने कहा कि दिल्ली में शनिवार तक न्यूनतम तापमान गिरकर नौ डिग्री सेल्सियस होने का अनुमान है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों से ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं, जहां ताजा बर्फबारी हुई है.
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