आज का मौसम, 10 नवंबर: दिल्‍ली समेत इन जगहों पर बन रहे बारिश के आसार

दिल्‍ली में छाया प्रदूषण.
दिल्‍ली में छाया प्रदूषण.

Weather Forecast Today: भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में दिल्‍ली समेत देश के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 2:25 PM IST
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नई दिल्‍ली. पंजाब और हरियाणा में किसानों की ओर से जलाई जा रही पराली के कारण दिल्‍ली-एनसीआर (Delhi NCR Weather) समेत उत्‍तर भारत के अधिकांश हिस्‍सों में वायु प्रदूषण छाया है. इसके साथ ही ठंड ने भी दस्‍तक दे दी है. वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में दिल्‍ली समेत देश के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. हालांकि वायु प्रदूषण से अभी दिवाली तक राहत मिलने के आसार नहीं हैं. दिल्‍ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के कारण जबरदस्‍त धुंध छाई हुई है.

जानकारी के मुताबिक उत्तर भारत में जल्द ही एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की ओर पहुंच रहा है. इसके चलते 12 से 15 नवंबर के बीच उत्तर-पश्चिमी हवाओं की रफ्तार थमेगी. वहीं 15 और 16 नवंबर को दिल्‍ली-एनसीआर में बारिश हो सकती है. आईएमडी का कहना है कि इस दौरान कहीं हल्‍की तो कहीं सामान्‍य बारिश की संभावना है. वहीं तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-थलग स्थानों पर भी बारिश की संभावना है.






दिल्ली में सोमवार को धूमकोहरा छाए रहने से शहर के कई हिस्सों में दृश्यता घटकर केवल 400 मीटर रह गयी और वायु गुणवत्ता लगातार पांचवें दिन भी ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है. मंगलवार को भी दिल्‍ली के अधिकांश इलाकों में सुबह एक्‍यूआई 450 से ऊपर रहा. नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम को भी यही हाल रहा.

सरकारी एजेंसियों और विशेषज्ञों ने कहा कि हवा की गति धीमी रहने और पराली जलने के प्रभावों की वजह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है और पराली जलाने की घटनाएं नहीं रूकने तक स्थिति में जल्द सुधार के आसार नहीं हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पर्यावरण अनुसंधान केंद्र के प्रमुख वी के सोनी ने बताया कि दिल्ली में आने वाले दिनों में वायु की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार की संभावना नहीं है.

उन्होंने कहा, 'अगर दिल्ली में दिवाली में होने वाले प्रदूषण को नहीं जोड़ा जाए तो इस बार दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में होगी लेकिन अगर लोग पटाखे फोड़ते हैं तो प्रदूषण का स्तर गंभीर से ‘बेहद गंभीर’ (आपात) वाली श्रेणी में पहुंच जाएगा.'

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 9-10 नवंबर मध्यरात्रि से लेकर 30 नवंबर मध्यरात्रि तक सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत काम करने वाली संस्था ‘सफर’ के अनुसार हवा की गति मंद हो गयी है. हवा की शांत गति और कम तापमान की वजह से प्रदूषक तत्व सतह के करीब रहते हैं.

सफर ने बताया कि दिल्ली में ‘वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार की संभावना नहीं है’ क्योंकि हवा की गति खास तौर पर रात में अनुकूल नहीं है और पराली जलाया जाना भी बढ़ते प्रदूषण का कारक है.
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