आज का मौसम, 7 नवंबर: दिल्ली में हवा खराब, कुछ राज्यों में हो सकती है बारिश

दिल्ली में प्रदूषण से स्थिति गंभीर. तस्वीर- ANI
दिल्ली में प्रदूषण से स्थिति गंभीर. तस्वीर- ANI

Weather Forecast Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौसम खराब रहने की आशंका है. हालांकि कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि अगले 24 घंटे में स्थिति ठीक हो सकती है. वहीं देश के कुछ हिस्सों में शनिवार को बारिश हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2020, 8:03 AM IST
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नई दिल्ली. देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ इलाकों में शनिवार को बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके साथ ही पूर्वोत्तर में कुछ जगहों बारिश हो सकती है. Skymate की एक रिपोर्ट के अनुसार अगले 24 घंटों में सक्रिय मानसून की स्थिति होगी. ऐसे में तमिलनाडु और केरल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ही भारी बारिश के आसार हैं.

चेन्नई में भी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही दक्षिणी, आंतरिक और तटीय कर्नाटक, रायलसीमा, आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. रिपोर्ट के अनुसार अंडमान निकोबार द्वीपसमूह और लक्ष्वद्वी में भी बादल छाए रहेंगे जिसके चलते कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है.

नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में
इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता अब भी ‘गंभीर’ श्रेणी में है जबकि गुड़गांव में इसमें कुछ सुधार हुआ है और यह गंभीर की जगह 'बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वायु गुणवत्ता सूचकांक से पता चला है कि पीएम 2.5 और पीएम 10 के जमाव का स्तर अब भी दिल्ली के इन पड़ोसी पांच शहरों में ज्यादा है.
सीपीसीबी के समीर ऐप के अनुसार पिछले 24 घंटे में शुक्रवार की शाम तक गाजियाबाद में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 433, ग्रेटर नोएडा में 421, फरीदाबाद में 415, नोएडा में 406, गुड़गांव में 392 दर्ज किया गया है.



दिल्ली में हालत गंभीर
दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता शनिवार सुबह ‘खराब’ श्रेणी में रही, जबकि सरकारी एजेंसियों ने कहा कि अगले 24 घंटे में इसमें थोड़ा सुधार होने की संभावना है.

पराली जलाने के मामलों में वृद्धि और हवा की गति कम होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में बीते गुरुवार को सुबह प्रदूषण पिछले एक साल में सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया था. इसमें पराली जलाने की हिस्सेदारी 42 फीसदी थी.
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