आज का मौसम, 9 नवंबर: सतही हवाएं बंद होने से गंभीर श्रेणी में ही रहेगी दिल्‍ली-NCR की हवा

दिल्‍ली में वायु प्रदूषण का स्‍तर बढ़ा हुआ है. (Pic- AP)
दिल्‍ली में वायु प्रदूषण का स्‍तर बढ़ा हुआ है. (Pic- AP)

Weather Forecast Today: सफर ने कहा कि वायु गुणवत्ता के मामूली रूप से और खराब होने और अगले दो दिन 'गंभीर' और 'बहुत खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 9, 2020, 6:54 AM IST
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नई दिल्‍ली. देश के कई हिस्‍सों में ठंड (Winter) आ चुकी है. दिल्‍ली-एनसीआर (Delhi NCR) समेत उत्‍तर भारत के अधिकांश इलाकों में शाम को तापमान गिरने से लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़ रहे हैं. इस बीच पंजाब और हरियाणा में किसानों की ओर से पराली जलाने की घटनाएं भी थमने का नाम नहीं ले रही हैं. लगातार पराली जलाए जाने के कारण दिल्‍ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्‍ता (Delhi Air Pollution) में कोई सुधार नहीं हो रहा है. सोमवार को भी दिल्‍ली-एनसीआर, उत्‍तर भारत के मैदानी क्षेत्र और मध्‍य प्रदेश के उत्‍तरी हिस्‍से में हवा की गुणवत्‍ता बेहद खराब श्रेणी में रहने का अनुमान है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सोमवार सुबह दिल्‍ली के आनंद विहार का एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स (एक्‍यूआई) 484 रहा. वहीं मुंडका का एक्‍यूआई 470, ओखला का 465 एक्‍यमआई रहा. वजीरपुर का एक्‍यूआई 468 रहा. पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पराली को कथित रूप से जलाए जाने के बीच रविवार को राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई. सफर ने कहा कि वायु गुणवत्ता के मामूली रूप से और खराब होने और अगले दो दिन 'गंभीर' और 'बहुत खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है.






केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मोबाइल ऐप 'समीर' के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 426 दर्ज किया गया है जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानी संगठन वायु गुणवत्ता प्रणाली एवं मौसम पूर्वानुमान व शोध (सफर) ने बताया कि स्थिति में तब तक सुधार होने की संभावना नहीं है जब तक कि पराली जलाने की घटनाओं में भारी कमी नहीं आती है.

सफर ने कहा कि सतही हवाएं शांत हो गई हैं जो अब तक मध्यम थी और अगले दो दिन तक इनके हल्का रहने का अनुमान है. यही प्रमुख कारण है कि तेजी से सुधार होने की संभावना नहीं है और सुधार तभी हो पाएगा जब पराली जलाने की घटनाओं में कमी आए. सफर के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और आसपास के इलाकों में शनिवार को पराली जलाने की घटनाएं 3780 थी. दिल्ली के पीएम 2.5 में इसकी हिस्सेदारी रविवार को अनुमानित तौर पर करीब 29 प्रतिशत रही.

उल्लेखनीय है कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है.
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