Weather Forecast: कई राज्यों में बारिश के आसार, एमपी में IMD ने जारी किया यलो अलर्ट

  फोटोः @SkymetWeather

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Today Weather News: विभाग का कहना है कि ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते हिमालयी क्षेत्रों में 14-17 अप्रैल के दौरान और इससे सटे मैदानी इलाकों में 15-17 अप्रैल के दौरान बारिश का पूर्वानुमान है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2021, 7:12 AM IST
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Today's Weather Report (आज का मौसम, 14 अप्रैल): मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई भागों में अगले पांच दिनों में बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है. विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक, दक्षिण प्रायद्वीप में चक्रवाती परिसंचरण के चलते भारत के दक्षिण-पश्चिमी प्रायद्वीप क्षेत्र में अगले पांच दिनों के दौरान आंधी और बिजली चमकने के साथ ही बूंदाबांदी जारी रहने से लेकर तेज बारिश तक हो सकती है. इस दौरान, 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.

मौसम विभाग ने कहा कि 14-16 अप्रैल के दौरान तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से एवं तटीय इलाकों, केरल, माहे और कर्नाटक के तटीय एवं दक्षिणी सुदूर इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्रों में भी चक्रवाती परिसंचरण की संभावना है. इसके चलते मध्य प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के गंगा क्षेत्रों और ओडिशा में अगले चार-पांच दिनों के दौरान जबकि झारखंड में अगले 24 घंटे के भीतर आंधी और बिजली चमकने के साथ ही छिटपुट बारिश का अनुमान है.

विभाग का कहना है कि ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते हिमालयी क्षेत्रों में 14-17 अप्रैल के दौरान और इससे सटे मैदानी इलाकों में 15-17 अप्रैल के दौरान बारिश का पूर्वानुमान है. विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्तिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में 14-16 अप्रैल के दोरान ओलावृष्टि हो सकती है. इसके मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में 14 और 15 अप्रैल के दौरान धूल भरी आंधी चल सकती है.

राजस्थान में आगामी दिनों में अंधड़ व बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अंधड़ और बारिश की चेतावनी जारी की है. जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले चार-पांच दिनों में पश्चिमी राजस्थान और पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में सक्रिय पश्चिम विक्षोभ का प्रभाव देखने को मिलेगा.

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को बीकानेर व जोधपुर संभाग के कुछ जिलों में दोपहर बाद से शाम तक 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ धूलभरी आंधी चलने और शुक्रवार को बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर संभाग में दोपहर के बाद अचानक तेज हवाओं और मेघगर्जन/वज्रपात के साथ तेज अंधड़ व हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है. शर्मा ने बताया कि 17 अप्रैल को इसका प्रभाव पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में देखने को मिलेगा और 18 अप्रैल से राज्य में मौसम फिर से शुष्क रहने का अनुमान है.

मंगलवार को राज्य में भरतपुर सबसे गर्म रहा. वहां अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि करौली में 43.1 डिग्री, चूरू में 43 डिग्री, धौलपुर में 42.7 डिग्री, फलौदी में 42.6 डिग्री, जैसलमेर में 42.5 डिग्री, बाड़मेर में 42.3 डिग्री और अन्य प्रमुख स्थानों पर 41.8 से लेकर 38.2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. वहीं राज्य के अधिकतर शहरों में न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस से लेकर 26.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया.



मध्य प्रदेश में मौसम विभाग का यलो अलर्ट जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम का येलो अलर्ट जारी करते हुए सोमवार को कहा कि प्रदेश के 17 जिलों में अगले 24 घंटों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान चलने और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.

आईएमडी के भोपाल केन्द्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी पी के साहा ने बताया कि प्रदेश के ग्वालियर, होशंगाबाद, सागर, छिंदवाड़ा और बालाघाट सहित 17 जिलों में अगले 24 घंटों में हल्की बारिश होने की संभावना है . उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में पिछले दो दिनों में हल्की बारिश हुई है.

इस साल ‘सामान्य’ रहेगा मानसून : स्काइमेट

वहीं मौसम संबंधी पूर्वानुमान व्यक्त करने वाली निजी एजेंसी ‘स्काइमेट वेदर’ ने मंगलवार को कहा कि जून से सितंबर के दौरान देश में 75 प्रतिशत से अधिक वर्षा का योगदान देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस साल सामान्य रहेगा. भौगोलिक जोखिम के आधार पर उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के कुछ हिस्सों के साथ उत्तरी भारत में इस मौसम में कम बारिश होने की भी आशंका है.



स्काइमेट वेदर के अध्यक्ष (मौसम विज्ञान) जी पी शर्मा ने कहा कि जून से सितंबर के दौरान वर्षा का दीर्घावधि औसत (एलपीए) 103 प्रतिशत रहेगा. इसमें चूक की संभावना पांच प्रतिशत अधिक या कम की है. शर्मा ने कहा, ‘इस तरह, सामान्य मानसून रहने की संभावना है.’ उन्होंने कहा कि ‘सामान्य’ मानसून रहने की 60 प्रतिशत संभावना है और ‘सामान्य से ज्यादा’ बारिश की 15 प्रतिशत संभावना है.
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