Weather Report: अगले दो दिनों उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में हो सकती है जोरदार बारिश

प्रतीकात्मक तस्वीर- ANI
प्रतीकात्मक तस्वीर- ANI

Weather Report: अक्टूबर में अक्सर बंगाल की खाड़ी में चक्रवात आते है. 2013 और 2014 के अक्टूबर में ‘फैलिन’ और ‘हुदहुद’ तूफान देखने को मिले थे जिन्होंने ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों पर दस्तक दी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 9, 2020, 11:15 AM IST
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नई दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चक्रवात चेतावनी विभाग ने कहा कि 9 अक्टूबर को उत्तरी अंडमान सागर में एक नये कम दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान है. विभाग ने बताया कि यह आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा है. कम दबाव का क्षेत्र बनने से 11 से 13 अक्टूबर के दौरान ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में वर्षा होने की संभावना है.

मौसम विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार अगले 24 घंटे में इसका असर दिखना शुरु हो जाएगा. अनुमानों के अनुसार 9 से 11 अक्टूबर के दौरान उत्तर भारत के कुछ राज्यों में भारी बारिश हो सकती है. इसी समयावधि में तेलंगाना में भारी बारिश हो सकती है. इसके बाद बारिश दक्षिण भारत का रुख करेगी जहां एक नया चक्रवात बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा है.

11 अक्टूबर के लिए मछुआरों को हिदायत
रिपोर्ट में कहा गया है कि 9 और 10 अक्टूबर को बंगाल की दक्षिण पूर्वी खाड़ी में पूर्व अंडमान सागर और उससे सटे उत्तर अंडमान सागर पर समुद्र के हालात संवेदनशील हो सकते हैं. इसके साथ ही 10 और 11 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल की खाड़ी,  बंगाल की खाड़ी के साथ आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट पर भी इस दबाव से प्रभावित हो सकते हैं.
बताया गया कि मालकानगिरी, कोरापुट, गजपति, रायगड़ा, और गंजम जिले में 11 और 12 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती गै. इसके सात ही पुरी, कंधमाल, खुर्दा, जगतसिंहपुर, कालाहांडी और नवरंगपुर में भी बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग की ओर से इन इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया हगै. कहा गया कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मछुआरों को हिदायत दी गई है कि वे 11 अक्टूबर को समुद्र का रुख ना करें.



कम दबाव वाला क्षेत्र किसी भी चक्रवात का पहला चरण है. हालांकि यह जरूरी नहीं है कि प्रत्येक कम दबाव का क्षेत्र एक चक्रवाती तूफान में बदल जाये. अक्टूबर में अक्सर बंगाल की खाड़ी में चक्रवात आते है. वर्ष 2013 और 2014 के अक्टूबर में ‘फैलिन’ और ‘हुदहुद’ तूफान देखने को मिले थे जिन्होंने ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों पर दस्तक दी थी.

कम दबाव क्षेत्र बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी और आसपास 
इससे पहले विभाग ने बताया था, ‘उत्तरी अंडमान सागर और इससे सटे पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में नौ अक्टूबर के आसपास एक नये कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है.’ भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, ‘हम इसकी (कम दबाव क्षेत्र) निगरानी कर रहे हैं.’

एक मौजूदा कम दबाव क्षेत्र बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी और आसपास के ओडिशा तट पर है. विभाग ने कहा कि हालांकि, इससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के छह अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ की ओर मुड़ने और सात अक्टूबर तक सक्रिय रहने की संभावना है.
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