दिल्ली में 26 साल बाद टूटा तापमान का रिकॉर्ड, 1 नवंबर को और कम टेपरेंचर के आसार

दिल्ली के तापमान में 1 नवंबर को और गिरावट दर्ज की जा सकती है.(PTI)
दिल्ली के तापमान में 1 नवंबर को और गिरावट दर्ज की जा सकती है.(PTI)

Temperature In Delhi दिल्ली में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 26 वर्षों में सबसे कम है. IMD के मुताबिक साल के इस समय में सामान्य न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस रहता है.

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  • Last Updated: October 30, 2020, 3:31 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी  दिल्ली में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस (Delhi Temprature) दर्ज किया गया, जो पिछले 26 वर्षों में अक्टूबर महीने में सबसे कम है. भारतीय मौसम विभाग ने यह जानकारी दी. मौसम विभाग के मुताबिक साल के इस समय में सामान्य न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस रहता है.

विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि इससे पहले वर्ष 1994 में दिल्ली में इतना कम तापमान दर्ज किया गया था. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक आखिरी बार 31 अक्टूबर, 1994 को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

ऐसा क्यों हुआ?
श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में अक्टूबर माह में सर्वकालिक न्यूनतम तापमान(9.4 डिग्री सेल्सियस) 31 अक्टूबर, 1937 को दर्ज किया गया था. मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि इस बार इतना कम न्यूनतम तापमान होने का कारण आसमान में बादलों का नहीं छाए रहना है.
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आसमान में बादल छाए रहने के कारण पृथ्वी से परावर्तित होने वाली अवरक्त (इंफ्रारेड) किरणों में कुछ किरणें बादलों के कारण वापस आ जाती हैं और इससे धरती गर्म हो जाती है. श्रीवास्तव ने कहा कि एक अन्य कारण शांत हवाएं हैं, जिसके कारण धुंध और कोहरा छाता है. मौसम विभाग ने कहा कि एक नवंबर तक न्यूनतम तापमान गिर कर 11 डिग्री सेल्सियस तक होने की संभावना है.

‘गंभीर’ श्रेणी में दिल्ली की हवा
दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता का स्तर गुरुवार की सुबह ‘गंभीर’ श्रेणी के नजदीक पहुंच गया. हवा की गति धीमी होने और पराली इत्यादि जलाने की घटनाएं बढ़ने से प्रदूषण के स्तर में वृद्धि देखी गई.

केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली की ओर से कहा गया कि बुधवार को पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली इत्यादि जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई जिसके कारण दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उत्तर पश्चिम भारत के अन्य भागों में वायु गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. प्रणाली के अनुसार पंजाब में पराली जलाने की लगभग तीन हजार घटनाएं सामने आई. शहर में सुबह 11 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 397 दर्ज किया गया.

चौबीस घंटे का औसत एक्यूआई बुधवार को 297, मंगलवार को 312, सोमवार को 353, रविवार को 349, शनिवार को 345 और शुक्रवार को 366 था. शादीपुर (405), पटपड़गंज (411), जहांगीरपुरी (429) और विवेक विहार (432) समेत 16 निगरानी स्टेशनों पर एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया. (भाषा इनपुट के साथ)
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