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कब तक रहेगा मॉनसून? कहां-कहां जमकर बरसेंगे बादल? पढ़ें IMD का लेटेस्ट अपडेट

मौसम विभाग ने सितंबर में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश की भविष्यवाणी की है.

मौसम विभाग ने सितंबर में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश की भविष्यवाणी की है.

Monsoon Update: मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान से पता चलता है कि मॉनसून 5 सितंबर तक पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी राज्य ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

1 सितंबर तक पूरे देश में मॉनसून की बारिश सामान्य से 6% अधिक रही.
आमतौर पर 17 सितंबर तक उत्तर पश्चिम भारत से लौटता है मॉनसून.
सितंबर में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश की भविष्यवाणी.

(सृष्टि चौधरी)

नई दिल्ली. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) पूरे जोरों पर है. सितंबर के मध्य तक उत्तर-पश्चिम भारत से इसकी वापसी शुरू नहीं होने की उम्मीद है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department-IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक ताजा निम्न दबाव प्रणाली या एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित होने की संभावना है. ये 9 सितंबर के बाद मॉनसून को एक नई ताकत दे सकता है.

मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान से पता चलता है कि मॉनसून 5 सितंबर तक पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी राज्यों में सक्रिय रहेगा. फिर दूसरे सप्ताह के दौरान मध्य और उत्तरी प्रायद्वीपीय राज्यों में ये स्थानांतरित हो जाएगा.

सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश
मौसम विभाग ने सितंबर में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश की भविष्यवाणी की है. पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों, पूर्व और उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर बाकी हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है. आईएमडी के महानिदेशक एम महापात्रा ने गुरुवार को कहा, “बारिश के चल रहे दौर से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में कुछ कमी की भरपाई करने में मदद मिलेगी, लेकिन कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि इस क्षेत्र में बारिश की कमी हो सकती है.”

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आईएमडी के अनुसार, मासिक बारिश 167.9 मिमी की लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के 109% से अधिक हो सकती है. जैसे-जैसे राज्यों में बारिश होती जाएगी, अधिकतम तापमान में गिरावट की संभावना है. हालांकि, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है.

आईएमडी के मुताबिक, 1 सितंबर तक पूरे देश में मॉनसून की बारिश सामान्य से 6% अधिक रही है. दक्षिण प्रायद्वीप में 28% अधिक बारिश हुई. मध्य भारत में 17% अधिक और उत्तर-पश्चिम भारत में -2% बारिश हुई है. हालांकि, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्य में 17% बारिश हुई, जो हैरान करती है.

आईएमडी प्रमुख के अनुसार, कुछ पूर्वी राज्यों के अलावा दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब तक अच्छा रहा है. इसमें 45 दिनों तक कम दबाव का सिस्टम रहा है. अकेले अगस्त में सामान्य 16.3 की तुलना में 19 कम दबाव वाले दिन देखा गया. आईएमडी प्रमुख ने कहा, “अगस्त में बंगाल की खाड़ी में लगातार कम दबाव की प्रणालियां थीं, जिससे अच्छी बारिश हुई. उनमें से अधिकांश उत्तरी ओडिशा से झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से राजस्थान में चली गईं. इसलिए इस क्षेत्र में अधिक बारिश हुई. बिहार जैसे राज्य बारिश से रहित हैं.”

15 सितंबर तक वापसी के कोई संकेत नहीं
मौसम विभाग ने अभी तक मॉनसून की संभावित वापसी के संबंध में कोई घोषणा जारी नहीं की है. आईएमडी ने कहा है कि सितंबर के मध्य तक इसकी संभावना नहीं है. आमतौर पर मॉनसून 1 सितंबर के आसपास चरम पर रहता है और उत्तर-पश्चिम राजस्थान से पीछे हटना शुरू कर देता है. इस तारीख को पिछले साल मौसमी बदलावों को देखते हुए संशोधित किया गया था.

संशोधित तारीखों के मुताबिक मॉनसून आमतौर पर 17 सितंबर तक उत्तर पश्चिम भारत से अपनी वापसी शुरू कर देता है. हालांकि, पिछले साल यह 6 अक्टूबर, 2020 में 28 सितंबर और 2019 में 9 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान से घटने लगा था.

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चरम मौसम की घटनाएं
अब तक मॉनसून के मौसम के पहले तीन महीनों में 115-204 मिमी बारिश के साथ 552 बहुत भारी बारिश की घटनाएं हुई हैं, जो पिछले साल की तुलना में अधिक थी, लेकिन 2020 और 2019 की तुलना में बहुत कम थी. अत्यधिक भारी बारिश की संख्या घटनाओं को 52 दर्ज किया गया था. इस मौसम में अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ आई है, जिनमें से कुछ बांधों और जलाशयों से पानी के भारी निर्वहन से भी शुरू हुए थे.

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