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बंगाल चुनाव: 'लाल गढ़' में कमल खिलाने का अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी को मिला जिम्मा, बोले- सोवियत भी हारा था

अशोक कुमार लाहिड़ी

अशोक कुमार लाहिड़ी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections 2021) में बीजेपी ने जानेमाने अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी (Ashok Kumar Lahiri) को वामपंथी मोर्चे के गढ़ बालुरघाट से टिकट दिया गया है. लाहिड़ी का मानना ​​है कि बंगाल चुनावों में उनके पास रूस और चीन में किए गए आर्थिक सुधारों को उजागर करने का अच्छा मौका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 2:59 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा (West Bengal Election) के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पांचवें, छठे, सातवें और आठवें चरण की 13 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है. इसमें जानेमाने अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी (Ashok Kumar Lahiri) को वामपंथी मोर्चे के गढ़ बालुरघाट से टिकट दिया गया है. लाहिड़ी का मानना ​​है कि बंगाल चुनावों में उनके पास रूस और चीन में किए गए आर्थिक सुधारों को उजागर करने का अच्छा मौका है. लाहिड़ी के मुताबिक, लोग हमेशा समय के साथ बदलने के लिए तैयार रहते हैं.

News18.com से बात करते हुए अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि बंगाली मूर्ख नहीं हैं. ऐसे में यह मान लेना सही नहीं है कि बंगाल के लोग बदलाव नहीं चाहते. उन्होंने, 'सोवियत संघ ने 70 साल बाद साम्यवाद को छोड़ दिया था. फिर चीन ने सुधार किया. 'अशोक लाहिड़ी ने चुनाव में अपनी जीत को लेकर कहा कि उन्हें विजय हासिल होगी, इसमें कोई शक नहीं है.'

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बालुरघाट दक्षिण दिनाजपुर जिले का निर्वाचन क्षेत्र है. 1977 यानी पिछले साढ़े तीन दशकों से ये वाम मोर्चा साथी क्रांतिकारी सोशलिस्ट पार्टी का गढ़ रहा है. पिछले एक दशक में बीजेपी ने 2019 में बालुरघाट की संसदीय सीट जीती थी. टीएमसी ने 2011 में ये विधानसभा सीट जीती थी.



लाहिड़ी ने News18.com को बताया कि उनका मानना ​​है कि बालुरघाट और बंगाल के लोग परिवर्तन (बदलाव) की जरूरत को समझते हैं. उन्होंने, 'देखें, बंगाल में पिछले 45 वर्षों से लगातार गिरावट आई है. अगर आप इसे प्रति व्यक्ति आय, अन्य राज्यों के बीच रैंकिंग, औद्योगीकरण के मामले में, यहां तक ​​कि शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के मामलों में देखें, तो आप पाएंगे कि पश्चिम बंगाल अन्य राज्यों से पिछड़ा हुआ है और पिछड़ रहा है.'
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