Exclusive: स्मृति ईरानी बोलीं- BJP को बाहरी कहना ममता की बचकानी हरकत, महिलाओं में भी TMC के खिलाफ गुस्सा

 स्मृति ईरानी

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West Bengal Assembly Election 2021: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने News18.com से खास बातचीत में सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा.

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  • Last Updated: April 16, 2021, 5:28 PM IST
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(अमन शर्मा)

West Bengal Assembly Election 2021: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) में कड़ा मुकाबला है. 8 चरणों के विधानसभा चुनाव में दोनों दल एक दूसरे पर जमकर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे है. चुनाव से जुड़े मुद्दों पर NEWS18 के संवाददाता अमन शर्मा ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) से बातचीत की. ईरानी ने दावा किया कि ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की धर्मनिरपेक्षता बरकरार नहीं है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'क्या आपको लगता है कि बंगाल की महिलाओं को एक सीएम से सहानुभूति होगी, जिन्होंने बलात्कार का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को चुप कराने के लिए किया?' स्मृति ईरानी ने कहा कि बीजेपी को बंगाल के लिए बाहरी पार्टी कहना, यह सीएम बनर्जी की बचकानी हरकत है.

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यहां पढ़ें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से बातचीत के संपादित अंश:-

  • बीजेपी का कहना है कि वह बंगाल में 200 सीटों को पार कर रही है, जबकि TMC का कहना है कि आप 100 भी पार नहीं करेंगे?

    मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए लोगों की भारी संख्या उमड़ रही है. गृह मंत्री अमित शाह को आशीर्वाद देने के लिए लोगों का हुजूम है. लोगों का यह हूजूम अब बूथों पर भी दिखाई दे रहा है. हर चरण में लोग भाजपा के लिए भारी मतदान कर रहे हैं. इससे स्थिति स्पष्ट होती है कि तृणमूल हार रही है।. अगर आप सबूत चाहते हैं तो मैं आपका ध्यान एक चैट की ओर से ले जाना चाहूंगी. ममता बनर्जी के अभियान का नेतृत्व कर रहे शख्स बहुत ही विनम्रता से कहा कि 'हां, मोदी एक हैं बंगाल में सबसे लोकप्रिय राजनीतिक शख्सियत हैं'. यह भी कहा कि 'हां भाजपा कार्यकर्ता हर बूथ में उपलब्ध है' और लोगों का रुख ममता के खिलाफ हो रहा है. उस बातचीत में इस बात की भी चर्चा हुई कि बीजेपी के जीतने के बाद क्या होगा. मुझे लगता है कि स्थितियां ना सिर्फ भाजपा बल्कि टीएमसी के लिए भी स्पष्ट हो चुकी हैं.


  • लोगों की धारणा है कि बीजेपी के पास यूपी या मध्य प्रदेश की तरह ही संगठनात्मक ताकत नहीं है और पश्चिम बंगाल में एक अपेक्षाकृत नई पार्टी है?

    मुझे लगता है कि यह कहना गलत होगा कि हम यहां (पश्चिम बंगाल में) एक नई पार्टी हैं. मेरे परिप्रेक्ष्य में सही स्थिति यह है कि आप नया जोश देखते हैं, जिसमें भाजपा ने खुद को पश्चिम बंगाल राज्य में खपाया है और आप इसे 2014 के बाद देख रहे हैं, क्योंकि नरेंद्र मोदी के लिए एक जनादेश था जो 2019 में और बढ़ा था. पश्चिम बंगाल की लोकसभा सीटों पर भाजपा की जीत फिर से उसी का एक संकेत था . इसलिए यह कहना कि भाजपा बंगाल की राजनीति के लिए नई है, गलत है. दरअसल, जब पीएम और अमित शाह देश में ही नहीं, बल्कि बंगाल में भी राजनीति के विकास की बात करते हैं, तो श्यामा प्रसाद मुखर्जी का भी जिक्र होता हैय अब भाजपा के बंगाली तत्व के बारे में और अधिक क्या संकेत दे सकता है कि कोई व्यक्ति जो हमारा मार्गदर्शन करता है, हमें प्रेरित करता है और जिसने हमें आगे बढ़ाया और जिसने हमारे वैचारिक पथ की नींव रखी, वह बंगाल से है.


  • तो बीजेपी बंगाल के लिए एक बाहरी पार्टी नहीं है? जैसा की सीएम ममता कहती हैं?

    मुझे लगता है कि ममता बनर्जी के लिए ऐसा कहना थोड़ा बचकाना है . भाजपा नेतृत्व ने उनसे पूछा है कि क्या आप हमें बता सकती हैं कि आपने 10 साल तक क्या किया है। और अगर आप उनके सार्वजनिक रैलियों और भाषणों को देखें, तो उसमें से कोई भी बात उन्होने ऐसी नहीं कही जो उनके काम की ओर लोगों को ध्यान खींचता हो. ऐसा इसलिए है क्योंकि उनकी सरकार के हर पहलू पर बंगाल के लोगों ने मकसद पर सवाल उठाया है. बंगाल के लोगों ने उनकी प्रशासनिक क्षमता तक पर उनसे सवाल किया. लोग अब भाजपा के विकास के एजेंडे से जुड़ रहे हैं और ममता बनर्जी के नेतृत्व को अस्वीकार कर रहे हैं.


  • लेकिन ममता कह रही हैं कि उनकी कल्याणकारी योजनाओं के कारण महिला मतदाता उनके साथ हैं. तो ममता कहना है कि कम से कम महिलाओं के लिए ही उन्होंने काम किया है.

    जिन निर्वाचन क्षेत्रों में मैं गई हूं और मुझे यकीन है कि आपके रिपोर्ताज में आपको पता चलेगा कि बंगाल में गरीब महिलाओं के लिए महामारी के समय में बैंक ट्रांसफर किये गये तृणमूल सरकार के गुंडे बैंकों के बाहर खड़े थे और कट मनी मांग रहे थे. बंगाल में अम्फान की स्थिति न केवल एक प्रशासनिक और मानवीय चुनौती थी, बल्कि एक पारिस्थितिक चुनौती थी लेकिन संकट के समय में TMC कार्यकर्ता और नेतृत्व चावल चोरी कर रहे थे, तिरपाल चुरा रहे थे. मैं मेदिनीपुर के एक निर्वाचन क्षेत्र में गई, जहां लोग मेरे पास आए और कहा कि दीदी ने यहां लगी टॉवर की बैटरी भी चुरा ली है. बंगाल के लोगों में तृणमूल के खिलाफ गुस्सा है.


  • आप कह रही हैं कि महिलाओं के बीच भी ममता को लेकर गुस्सा है?

    बिल्कुल. महिलाओं के खिलाफ अपराध की कई घटनाएं हुई हैं, जहां ममता बनर्जी ने कोई ऐसा फैसला नहीं किया है जो हितकर हो या फिर लैंगिक रूप से संवेदनशील रहा हो. जब महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ है, तो उन्होंने कहा है कि यह एक सामान्य परिस्थिति है और कुछ ज्यादा नहीं किया जा सकता है. उन्होंने ने बंगाल में वन-स्टॉप हेल्प डेस्क बनाने से इनकार कर दिया. सभी पुलिस स्टेशनों में महिलाओं के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने के लिए पैसे लेने से इनकार कर दिया. ममता सरकार ने पोषण कार्यक्रमों को भी ना कह दिया.उनका कहना है कि वह सशक्त हैं और यह उनका राजनीतिक स्वभाव है कि वे ना कहें. साथ ही वह इसलिए भी ना करती रहीं क्योंकि मोदी सरकार की योजनाएं थीं. तो क्या आपको लगता है कि बंगाली अब फिर से उस अत्याचार के लिए ममता को वोट करेंगे?


  • धरने पर व्हीलचेयर पर अकेली बैठी महिला सीएम की तस्वीर - क्या आपको नहीं लगता कि इससे महिला मतदाताओं में कुछ सहानुभूति पैदा होगी?

    क्या आपको लगता है कि महिलाएं उनके प्रति सहानुभूति रखेंगी जिन्होंने बलात्कार का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को चुप कराने के लिए किया है? ऐसे मामले सामने आए हैं जहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने महिलाओं का बलात्कार केवल इसलिए किया क्योंकि वे वैचारिक रूप से अपनी पार्टी के साथ नहीं थीं. क्या आपको लगता है कि ऐसी महिला नेता के लिए सहानुभूति होगी?


  • इन चुनावों में हिंदू-मुस्लिम विभाजन एक बहुत बड़ा मुद्दा है. हमने सीएम का एक बयान देखा कि मुसलमानों को उनके पीछे एकजुट होना चाहिए.

    वह नंदीग्राम में एक चंडी पाठ से शुरूआत करके चुनाव के दूसरे चरण में मतदान के लिए विशेष समुदाय से अपील कर रही हैं. ऐसे में उनकी धर्मनिरपेक्षता बरकरार नहीं रही. जब भाजपा कहती है कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा, स्वच्छ पेयजल - तो क्या लोगों को जाति या धार्मिक पहचान के आधार पर इन सुविधाओं को मुहैया कराने की बात होती है? नहीं, हम ऐसा नहीं करते.


  • लोग अमेठी में आपकी लड़ाई और नंदीग्राम को एक तरह से देख रहे हैं. सीएम के रणनीतिकार का कहना है कि ममता के लिए आसान जीत होगी.

    वह नंदीग्राम हार रही हैं. हम निश्चिंत हैं. एक टीवी साक्षात्कार में उनके रणनीतिकार ने कहा है कि वह केवल पैकेज बेचते हैं. तो रणनीतिकार पहले से ही प्रॉडक्ट को दोष दे रहा है।.चुनाव लड़ने के लिए प्रॉडक्ट लाइन में है या पार्टी चुनाव लड़ रही है? जिसका मतलब है कि पार्टी अलोकप्रिय है. लोगों ने कब किसी ऐसे व्यक्ति को वोट दिया है जो अलोकप्रिय है?


  • लेकिन बीजेपी को राहुल के अभियान से नाराज नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे टीएमसी को नुकसान पहुंच रहा है.

    भाजपा बहुत ध्यान केंद्रित कर रही है कि हम इस चुनाव को विकास पर लड़ रहे हैं और हम लगातार तृणमूल कांग्रेस के खराब शासनपर प्रकाश डाल रहे हैं. हमारे लिए यह टीएमसी के साथ सीधी लड़ाई है और उस लड़ाई में भाजपा जीत रही है, भाजपा बंगाल में सरकार बनाने वाली है, जिससे राज्य में राजनीतिक इतिहास का निर्माण होगा.

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