West Bengal Assembly Election 2021: पूर्व उपसेना प्रमुख बोले- अपराध और अपराधी का राजनीतिककरण करती है TMC

सुब्रत साहा  (तस्वीर- @/Priyank53330253)

सुब्रत साहा (तस्वीर- @/Priyank53330253)

West Bengal Assembly Election 2021:पश्चिम बंगाल चुनाव में रासबिहारी सीट (Rashbehari) से BJP के उम्मीदवार रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा (Lt Gen (retd) Subrata Saha) ने तृणमूल कांग्रेस पर जुबानी हमला बोला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 1:46 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) में साउथ कोलकाता की रासबिहारी सीट (Rashbehari) से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा (Lt Gen (retd) Subrata Saha) ने तृणमूल कांग्रेस पर जुबानी हमला बोला है. साहा ने टीएमसी द्वारा चुनाव आयोग और सुरक्षाबलों पर लगाए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों संस्थाएं पेशेवर तरीके से काम करती हैं.

News18 संवाददाता अमन शर्मा से हुई एक बातचीत के दौरान श्रीनगर स्थित XV कोर के पूर्व कमांडर साहा ने कहा, 'यदि आप मुझसे पूछें, तो यह घिनौना और निंदनीय है. मैं 2014 में कश्मीर में कोर कमांडर था, जब हमने वहां पर बीते विधानसभा चुनाव करवाए थे और एक भी आतंकी घटना या हिंसा की घटना के बिना 80% से अधिक  मतदान हुआ था.'

उन्होंने कहा, 'ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चुनाव आयोग और सेना बहुत ही पेशेवर तरीके से काम करते हैं.' पूर्व सैन्य अधिकारी ने कहा, 'लेकिन कुछ ऐसे तत्व हैं जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं चाहते हैं. स्वतंत्रता और निष्पक्षता से टीएमसी को खतरा है. वे लोगों को वोट देने से हतोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं. वह लोगों में भाजपा को वोट देने से रोकने के लिए भय पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.'

मेरे निर्वाचन क्षेत्र में भी लोगों को खतरा- साहा
साहा ने दावा किया, 'मेरे निर्वाचन क्षेत्र में भी स्थानीय लोगों के बीच अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा है. मेरी सोच से भी ज्यादा यहां लोगों के मन में भय है. हो सकता है कि यहां फैला आतंक जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के तौर तरीके जैसा ना हो लेकिन टीएमसी ने अपनी रणनीति और दिन-प्रतिदिन के कामकाज के हिस्से के तौर पर गुंडों के आतंक को बढ़ावा दिया. उन्होंने पिछले 10 वर्षों में यही किया है. चुनावों के दौरान वह इसे और तेज कर रहे हैं. यह उनके डीएनए, संस्कृति और सिद्धांत का एक हिस्सा है.' पूर्व उप सेना प्रमुख ने कहा कि इससे पता चलता है कि विधानसभा चुनाव में टीएमसी को किस तरह से हार का डर सता रहा है.



साहा चुनाव से पहले भाजपा में आए थे. रासबिहारी में, वह टीएमसी को नापसंद करने के कठिन कार्य का सामना करते हैं, जिसके नेता देबाशीष कुमार का सामना कर रहे हैं. यहां के भद्रलोक (बौद्धिक) शहरी मतदाता ने अब तक टीएमसी का समर्थन किया है. साहा ने News18 से कहा, 'भद्रलोक के साथ, मैं भद्रमहिला (महिला बौद्धिक मतदाता) को जोड़ूंगा. ये भद्रलोक और भद्रमहिलाएं घरों में अकेले रह रहे हैं. यह एक एक सामान्य समस्या है कि उनके बच्चे उनके साथ नहीं हैं. वे शिक्षा या रोजगार के लिए बाहर गए हैं और बुजुर्ग यहां अकेले हैं. वे उत्पीड़न के दौर से गुजर रहे हैं और टीएमसी के गुंडे उन्हें परेशान कर रहे हैं.'



(यह पूरी खबर अंग्रेजी में है. इसे आप लिंक पर क्लिक कर के पढ़ सकते हैं

'TMC Politicises Crime and Criminalises Politics': Kashmir General in Bengal Battle)

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