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West Bengal Elections 2021: नंदीग्राम को मंदिर, चंडीपाठ और चाय से साधने की कोशिश में ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम के शिव मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम के शिव मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की

West Bengal Election 2021: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नंदीग्राम सीट से नामांकन दाखिल कर दिया. यह वही सीट है जहां से ममता के राजनीतिक करियर का ग्राफ बढ़ा...

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 10, 2021, 3:09 PM IST
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नंदीग्राम. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नंदीग्राम सीट से नामांकन दाखिल दिया है. यह वही सीट है जहां से ममता के राजनीतिक करियर का ग्राफ बढ़ा. इस बार इस सीट से चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है. कभी ममता के साथी और सरकार में उनके मातहत रहे शुभेंदू अधिकारी, नंदीग्राम सीट से ही भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हैं.  अधिकारी ने यहां तक कहा है कि अगर वह ममता को नहीं हरा पाये तो राजनीति से संन्यास ले लेंगे.

इन सबके बीच ममता ने नंदीग्राम में अपने प्रचार अभियान की धार तेज कर दी है. टीएमसी सुप्रीमो ने हल्दिया में नंदीग्राम सीट से नामांकन दाखिल करने से पहले 400 साल पुराने शिव मंदिर में पूजा अर्चना की. पूजा करने के बाद ममता ने आधे किलोमीटर का रोड शो किया. बनर्जी जब शिव मंदिर पहुंची तो यहां महिलाओं ने शंख बजाकर उनका स्वागत किया.

400 साल पुराने शिव मंदिर में ममता




इससे पहले तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष मंगलवार को पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम पहुंची. एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने उनके हिंदू विरोधी होने के भाजपा के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा था कि वह एक ब्राह्मण हैं और हिंदू रस्मों के बारे में भगवा पार्टी के ‘फर्जी हिंदू नेताओं’ से कहीं ज्यादा जानती हैं.
ममता ने कहा था, ‘यदि किसी को मेरे धर्म के बारे में शक है तो मैं उन्हें बहस करने और हिंदू श्लोकों का पाठ करने में प्रतिस्पर्धा करने की चुनौती देती हूं.’ इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंच से चंडीपाठ भी किया.

चंडीपाठ करती ममता बनर्जी


इसी कड़ी में सीएम ने नंदीग्राम में लोगों को चाय बांटी. बनर्जी ने नंदीग्राम में एक चाय की स्टॉल पर चाय बनाकर लोगों को चाय बांटी. यही नहीं ममता बनर्जी ने खुद भी उसी स्टॉल पर चाय पी.

ममता का चाय छानते हुए एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें वह एक बड़े बर्तन ने कपों में चाय भरती हुई दिख रही हैं.

चाय बनाती ममता बनर्जी


तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने लोगों की जबरदस्त मांग को लेकर नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला किया. उन्होंने कहा, ‘मैंने सुना है कि कुछ लोग मुझे नंदीग्राम में बाहरी कह रहे हैं. मैं हैरान हो गई. मैं पड़ोसी बीरभूम जिले में जन्मीं और पली-बढ़ी हूं. आज मैं बाहरी हो गई और जो गुजरात से आए हैं वे बंगाल में स्थानीय हो गये.’

भाजपा, बनर्जी पर तुष्टिकरण का आरोप लगाती रही है. ऐसे में टीएमसी की पूरी कोशिश है कि वह चुनावों में अपनी छवि से बाहर निकल सके. गौरतलब है कि सत्ताधारी दल का घोषणा पत्र भी महाशिवरात्रि को जारी किया जाएगा.

वहीं विरोधी दल भाजपा, टीएमसी प्रमुख के मंदिर जाने और चंडीपाठ करने को लेकर कह रही है कि यह सब चुनावी रणनीति है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर कहा कि बंगाल में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ-साथ ममता बनर्जी भी ‘नर्वस’ हैं और अब उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह मंदिर जाएं या मस्जिद.

गिरिराज सिंह ने अपने ट्वीट के साथ एक वीडियो संदेश भी साझा किया जिसमें उन्होंने गुजरात विधानसभा के पिछले चुनावों के दौरान कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के मंदिर दौरे और जनेऊ पहनने का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘बंगाल में मैंने दीदी को देखा. वहां के जिन हिन्दुओं को दुर्गा विसर्जन के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ता था... जिनके मंत्री डॉन अखबार को कहते थे कि कलकत्ता में भी कराची है... आज दीदी चंडी पाठ कर रही हैं. चुनाव जो ना कराए.’

भाजपा नेता और नंदीग्राम सीट से उनके प्रतिद्वंदी अधिकारी ने दावा किया ममता द्वारा उच्चारित किये गये चंडीपाठ के सारे मंत्र गलत थे. अधिकारी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश) शुद्धता के साथ मंत्रोचारण करत सकते हैं. मैं चाहता हूं योगी जी यहां आएं और ऐसा करें.
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