पश्चिम बंगाल चुनाव 2021: तृणमूल के रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दोहराया- बंगाल में ताकतवर है BJP, लेकिन...

तृणमूल कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अपने कथित लीक चैट पर सफाई भी दी है. (फाइल फोटो)

तृणमूल कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अपने कथित लीक चैट पर सफाई भी दी है. (फाइल फोटो)

West Bengal Assembly Election 2021: तृणमूल कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दावा किया कि 'बंगाल के लोगों में ममता के खिलाफ असंतोष नहीं है.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2021, 7:16 AM IST
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कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने एक बार फिर दोहराया है कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव  (West Bengal Assembly Election 2021) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 'ताकतवर' है. हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया है कि सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) एक बार फिर 'बड़े अन्तर से जीत' दर्ज करेंगी. विभिन्न मीडिया चैनलों से बातचीत में किशोर ने कहा 'बंगाल में कुछ जगहों पर सत्ता विरोधी लहर है, लेकिन यह टीएमसी के स्थानीय नेताओं के खिलाफ है. जिसे पार्टी ने दूर करने की कोशिश की.'

चुनावी रणनीतिकार ने दावा किया 'लोगों में ममता के खिलाफ असंतोष नहीं है. वह अब भी बंगाल की लोकप्रिय नेता हैं. जो भी बंगाल को समझता है वह जरूर बताएगा कि टीएमसी और ममता के लिए महिलाएं बड़ी संख्या में वोट दे रही हैं.' किशोर ने कहा 'मैं अपने 8-10 साल के अनुभव में किसी महिला नेता को इतना लोकप्रिय नहीं देखा. मेरा मानना है कि ममता बनर्जी बड़े अंतर से जीत रही हैं.'

'बीजेपी राज्य में बड़ी शक्ति है'- प्रशांत

भाजपा के संदर्भ में टीएमसी रणनीतिकार ने कहा कि बीजेपी राज्य में बड़ी शक्ति है. लेकिन भाजपा 100 सीट के पार नहीं जाएगी और तृणमूल जीत दर्ज करेगी. एक पब्लिक प्लेटफॉर्म पर हुई बातचीत को कथित तौर पर लीक बताकर वायरल किए गए ऑडियो पर किशोर ने कहा पब्लिक प्लेटफॉर्म पर मौजूद चैट को वह लीक कैसे कह सकते हैं?
किशोर ने कहा कि 'मोदी जी की पॉपुलैरिटी एक कारक है. ध्रुवीकरण, दलितों का एक बड़ा वर्ग बीजेपी को मदद कर रहा है और हिन्दी भाषियों पर बीजेपी की पकड़ है.' यह सभी कारक चुनाव में बीजेपी की मदद करेंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव में अपने विरोधी को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए.



किशोर ने कहा कि जो दल सत्ता में 10 साल रहेगा उसके खिलाफ एक सीमा तक सत्ता विरोधी लहर रहेगी. मेरे लिए काम यह है कि मैं यह समझ पाऊं कि सत्ता विरोधी लहर किसके खिलाफ है? क्या स्थानीय नेता के खिलाफ, पार्टी के खिलाफ या फिर सीएम ममता के खिलाफ . कुछ क्षेत्रों में इसके अलावा भी लोगों में गुस्सा हो सकता है. इन सबके बाद भी जितने कारक देखकें, ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी नेता हैं.
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