West Bengal Assembly Election 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में आज वर्चुअली संबोधित करेंगे सभा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (File Pic)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (File Pic)

West Bengal Assembly Election 2021 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि वो कोरोना संबंधी एक हाई-लेवल रिव्यू बैठक करेंगे, इस वजह से रैलियां रद्द कर दी गई हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 6:38 AM IST
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कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) शुक्रवार शाम 5 बजे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) के मद्देनजर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रैली संबोधित करेंगे. इससे पहले पीएम ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि वो कोरोना संबंधी एक हाई-लेवल रिव्यू बैठक करेंगे, इस वजह से रैलियां रद्द कर दी गई हैं. भारतीय जनता पार्टी ने बताया कि प्रधानमंत्री शुक्रवार को शाम पांच बजे पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को डिजिटल तरीके से संबोधित करेंगे. इससे पहले उन्होंने राज्य का दौरा स्थगित कर दिया था.

पीएम मोदी शुक्रवार को मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम और कोलकाता दक्षिण में रैलियां करने  वाले थे. भाजपा ने तैयारी भी पूरी कर ली थी लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और कुछ अहम उच्च स्तरीय बैठकों के लिए पीएम मोदी के कार्यक्रम रद्द हो गए.

निर्वाचन आयोग ने लगाई रोक

वहीं पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान कोविड बचाव नियमों के उल्लंघन का संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को राज्य में तत्काल प्रभाव से रोड शो और वाहन रैलियों के आयोजन पर रोक लगा दी. साथ ही कहा कि किसी भी जनसभा में 500 से अधिक लोगों को अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी. आदेश में कहा गया कि आयोग ने पाया है कि कई राजनीतिक दल एवं उम्मीदवार अभी भी जनसभा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं.
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में बाकी के चरण के चुनाव एकसाथ कराने की मांग कर चुकी है. लेकिन चुनाव आयोग ने बुधवार को इससे मना कर दिया था. आयोग ने तृणमूल कांग्रेस से कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के शेष चरणों को एक साथ मिलाने का उसका सुझाव लागू करने योग्य नहीं है. तृणमूल कांग्रेस को लिखे एक पत्र में आयोग ने निर्वाचन कानून और कोरोना वायरस महामारी के परिप्रेक्ष्य में मतदाताओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र किया और राज्य में चुनाव के कार्यक्रम में बदलाव से इंकार किया.

शीर्ष अदालत ने कोविड-19 स्थिति पर राष्ट्रीय योजना मांगी

देश के कोविड-19 की मौजूदा लहर से जूझने के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने को कहा कि वह ऑक्सीजन की आपूर्ति तथा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं समेत अन्य मुद्दों पर 'राष्ट्रीय योजना' चाहता है.



चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एस ए बोबडे, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस आर भट की तीन सदस्यीय पीठ ने गंभीर स्थिति का स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि वह देश में कोविड-19 टीकाकरण के तौर-तरीके से जुड़े मुद्दे पर भी विचार करेगी. पीठ ने कहा कि वह वैश्विक महामारी के बीच लॉकडाउन घोषित करने की हाईकोर्ट्स की शक्ति से जुड़े पहलू का भी आकलन करेगी.

इसने कहा कि कम से कम छह हाईकोर्ट कोविड-19 संबंधित मुद्दों की सुनवाई कर रहे हैं जिससे अलग-अलग प्राथमिकताओं के आधार पर भ्रम पैदा हो सकता है और संसाधन भी अलग-अलग दिशा में लगेंगे. शीर्ष अदालत ने स्वत: संज्ञान की कार्यवाही में उसकी मदद के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे को न्याय मित्र नियुक्त किया है.

 संसाधन भी अलग-अलग दिशा में खर्च हो रहे- SC

पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी किया और कहा कि वह मामले में शुक्रवार को सुनवाई करेगी. पीठ ने सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा, 'एक पीठ और एक अदालत के तौर पर, हम कुछ मुद्दों का स्वत: संज्ञान लेना चाहते हैं.' शीर्ष अदालत ने कहा कि कम से कम छह हाईकोर्ट - दिल्ली, बंबई, सिक्किम, मध्य प्रदेश, कलकत्ता और इलाहाबाद- मौजूदा स्थिति से जुड़े मामलों को देख रहे हैं.

इसने कहा कि हाईकोर्ट नेकनीयत और सबके हित में अपने क्षेत्राधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. पीठ ने कहा, ‘हो यह रहा है कि इससे कुछ प्रकार का भ्रम पैदा हो रहा है और संसाधन भी अलग-अलग दिशा में खर्च हो रहे हैं.'

इसने कहा, ‘एक हाईकोर्ट सोचता है किसी समूह के लिए यह प्राथमिकता है जबकि दूसरा सोचता है कि दूसरे के लिए प्राथमिकता है. हम चार मुद्दों के संबंध में जानना चाहते हैं - ऑक्सीजन की आपूर्ति, आवश्यक दवाओं की आपूर्ति, टीकाकरण की प्रणाली और तरीके. हम लॉकडाउन लगाने का अधिकार राज्य के पास रखना चाहते हैं और इसे न्यायिक फैसला नहीं बनाया जाना चाहिए.’



इसने कहा, 'बस इन चार मुद्दों पर नोटिस जारी करना चाहते हैं.’ साथ ही कहा, 'हम इन चार मुद्दों पर राष्ट्रीय योजना देखना चाहते हैं.' शीर्ष अदालत ने जब कहा कि वह केंद्र को नोटिस जारी करेगी और मामले में शुक्रवार को सुनवाई करेगी तो मेहता ने पीठ से पूछा कि हाईकोर्ट्स में लंबित कोविड-19 संबंधित मुद्दों पर केंद्र सरकार वहां जवाब देगी या नहीं.
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