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बंगाल में पीरजादा की ISF से गठबंधन पर कांग्रेस में रार, आनंद शर्मा ने उठाए सवाल, अधीर का दो टूक जवाब

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता आनंद शर्मा (PTI)

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता आनंद शर्मा (PTI)

G-23 Leader Anand Sharma: राज्यसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ट्वीट कर कहा, "आईएसएफ और ऐसे अन्य दलों के साथ कांग्रेस का गठबंधन पार्टी की मूल विचारधारा, गांधीवाद और नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की उपस्थिति और समर्थन शर्मनाक है, उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए."

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 2, 2021, 12:21 PM IST
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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) के लिए कांग्रेस (Congress) ने लेफ्ट के साथ हाल ही में नवगठित ISF के साथ भी गठबंधन किया है. लेकिन, गुलाम नबी आजाद के साथ कांग्रेस के बागी नेताओं के गुट के प्रमुख चेहरे आनंद शर्मा (Anand Sharma) ने इस गठबंधन को पार्टी की मूल विचारधारा, गांधीवाद और नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ बताया है. राज्यसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ट्वीट कर कहा, "आईएसएफ और ऐसे अन्य दलों के साथ कांग्रेस का गठबंधन पार्टी की मूल विचारधारा, गांधीवाद और नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है, जो कांग्रेस पार्टी की आत्मा है. इन मुद्दों को कांग्रेस कार्य समिति पर चर्चा होनी चाहिए थी. उन्होंने आगे लिखा, "सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस चयनात्मक नहीं हो सकती है. हमें सांप्रदायिकता के हर रूप से लड़ना है. पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की उपस्थिति और समर्थन शर्मनाक है, उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए."

आनंद शर्मा पर अधीर रंजन चौधरी का पलटवार
पीरजादा के साथ गठबंधन पर आनंद शर्मा द्वारा सवाल उठाए जाने पर बंगाल कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली में पार्टी लीडरशिप के हस्ताक्षर के बिना कोई भी फैसला व्यक्तिगत रूप से नहीं लिया. ANI से अधीर रंजन ने कहा, "हम एक राज्य के प्रभारी हैं और व्यक्तिगत रूप से कोई फैसला नहीं लेते हैं." बंगाल में कांग्रेस की लड़ाई ममता बनर्जी और बीजेपी के खिलाफ है, यहां कांग्रेस को लेफ्ट का साथ मिला है, जबकि ममता बनर्जी को कांग्रेस-वाम गठबंधन के साथ बीजेपी और अन्य पार्टियों से भी मुकाबला करना है.

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बीजेपी ने ममता के खिलाफ आक्रामक अभियान छेड़ रखा है. हालांकि केरल में कांग्रेस और लेफ्ट के बीच छत्तीस का आंकड़ा है. अधीर रंजन चौधरी सहित बंगाल कांग्रेस के नेताओं ने मौलाना अब्बास सिद्दीकी के साथ गठबंधन को लेकर अपनी चिंताओं को पार्टी हाईकमान के सामने रखा था, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने गठबंधन को हरी झंडी दे दी.



विवादित बयानों के लिए कुख्यात हैं ISF नेता
पीरजादा अब्बास सिद्दीकी को बंगाल में उनके चाहने वाले 'भाईजान' कहकर बुलाते हैं, लेकिन उनकी पहचान विवादित बयान देने के लिए होती रही है. पिछले कई सालों से अपने धार्मिक कार्यक्रमों में सिद्दीकी शब्दबाण छोड़ते रहे हैं. सिद्दीकी को लेकर कांग्रेस नेता भले सवाल उठाते रहे हों, लेकिन लेफ्ट के नेताओं को नहीं लगता कि इंडियन सेक्युलर फ्रंट सांप्रदायिक पार्टी है. कांग्रेस के लेफ्ट का साथ बंगाल में जरूरी है.

जी-23 का हिस्सा हैं आनंद शर्मा
बंगाल में कांग्रेस की रणनीति पर आनंद शर्मा के सवाल उठाने के एक दिन पहले उनके वरिष्ठ साथी गुलाम नबी आजाद ने जम्मू-कश्मीर में खुले दिल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी. आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद उस जी-23 समूह का हिस्सा हैं, जिन्होंने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पूर्णकालिक और सक्रिय लीडरशिप की मांग की थी.

इन नेताओं ने अपने पत्र में पार्टी में संगठनात्मक चुनाव कराने की भी मांग की थी.
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