Assembly Banner 2021

West Bengal Assembly Election 2021: बीजेपी ने इस बार 9 मुस्लिम उम्मीदवारों पर खेला है दांव, क्या मिलेगी जीत?

बीजेपी ने मुर्शिदाबाद से 5 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है (फ़ाइल फोटो)

बीजेपी ने मुर्शिदाबाद से 5 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है (फ़ाइल फोटो)

West Bengal Assembly Election 2021: बीजेपी ने मुर्शिदाबाद से 5 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. यहां करीब दो तिहाई जनसंख्या मुसलमानों की है. मालदा में बीजेपी ने दो उम्मीदवारों पर दांव खेला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 12:43 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली.  इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव  (West Bengal Assembly Election 2021) में बीजेपी और टीएमसी के लिए आर या पार की लड़ाई है. कहा जाता है कि ममता बनर्जी की जीत में अब तक दोनों बार मुस्लिम वोटरों का बेहद अहम रोल रहा है. लिहाज़ा इस बार बीजेपी ने भी चुनावी अखाड़े में 9 मुस्लिम उम्मीदवारों पर दांव खेला है. आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2011 में TMC ने मुस्लिम समुदाय से 28 कैंडीडेट्स उतारे थे. साल 2016 में ये संख्या बढ़कर 57 पर आ गई. लेकिन इस बार ममता बनर्जी ने सिर्फ 42 मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है.

बीजेपी ने मुर्शिदाबाद से 5 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. यहां करीब दो तिहाई जनसंख्या मुसलमानों की है. मालदा में बीजेपी ने दो उम्मीदवारों पर दांव खेला है. यहां मुसलमानों की जनसंख्या करीब आधी है. जबकि उत्तर दिनाजपुर से बीजेपी ने 2 मुस्लिम नेताओं को टिकट दिया है. इस इलाके में भी बड़ी संख्या में मुसलमान रहते हैं. आईए एक नज़र डालते हैं कि बीजेपी के कुछ मुस्लिम कैंडिडेट्स पर...

माफुजा खातून
50 साल की माफुजा खातून पिछले 3 दशक से राजनीति में सक्रिय हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. साल 1993 में वो पहली बार पंचायत का चुनाव जीती थीं. इसके बाद साल 2001 और 2006 में उन्हें लेफ्ट की टिकट पर जीत मिली थी. लेकिन साल 2011 में ममता के सत्ता में आते ही खातून का पत्ता साफ हो गया. पिछले 10 सालों से खातून अपने इलाके में बीड़ी बनाने वालों के लिए हक की लड़ाई लड़ रही है. कहा जाता है कि मध्य बंगाल में करीब 20 लाख लोग बीड़ी उद्योग से जुड़े हैं और इन्हें एक दिन के सिर्फ 150 रुपये मिलते हैं. हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वो पीएम मोदी से बेहद प्रभावित हैं और उन्हें जीत की उम्मीद है.
गुलाम सरवर


खातून के अलावा बीजेपी के किसी दूसरे कैंडिडेट को विधानसभा या लोकसभा चुनाव लड़ने का कोई अनुभव नहीं है. गोलजोखोर से बीजेपी के उम्मीदवार गुलाम सरवर अपने भाई और मौजूदा टीएमसी के विधायक और मंत्री गुलाम रब्बानी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. सरवर का कहना है कि बीजेपी ने 9 मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतार कर ये साबित कर दिया है कि वो धर्मनिरपेक्ष पार्टी है.

महबूब आलम
भागाबंगोला से चुनाव लड़ने वाले महबूब आलम साल 1998 में बीजेपी का सदस्य बने थे. वो उन दिनों गुजरात के जामनगर में काम करते थे. वो गुजरात की तरह बंगाल में विकास चाहते हैं. उन्होंने कहा कि लोग बेकार की बातें करते हैं कि बीजेपी उन्हें बांग्लादश भेज देगी.

मसुहारा खातून
मुर्शिदाबाद की रानीनगर सीट पर बीजेपी मसुहारा खातून पर भरोसा जताया है. वो टीएमसी उम्मीदवार सौमिक हुसैन को चुनौती देती नजर आएंगी. मसुहारा खातून, रानीनगर की मंडल अध्यक्ष हैं .
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज