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West Bengal Assembly Election 2021: बंगाल के पहले और दूसरे चरण के चुनाव में 362 प्रत्याशी, 91 दागी- ADR रिपोर्ट

TMC VS BJP (फाइल फोटो)

TMC VS BJP (फाइल फोटो)

चुनाव अधिकार समूह एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने यह जानकारी दी. पश्चिम बंगाल के पहले दो चरण में 362 प्रत्याशी मैदान में हैं जिसमें से करीब 91 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 9:34 AM IST
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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में 27 मार्च को होने वाले विधानसभा चुनाव (West Bengal assembly elections 2021) के पहले चरण में खड़े 191 उम्मीदवारों में से 48 प्रत्याशियों (25 प्रतिशत से कुछ अधिक) ने हलफनामों में अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है. इसके साथ ही दूसरे चरण में भी 25 फीसदी प्रत्याशी दागी हैं. दोनों चरणों के कुल 362 प्रत्याशियों में से करीब 91 प्रत्याशी दागी हैं.

‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) नामक संस्था की एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई. रिपोर्ट के अनुसार, 96 (50 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच से 12वीं के बीच बताई है और 92 (48 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने खुद को स्नातक बताया है. एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार तीन उम्मीदवार डिप्लोमा धारक हैं. ‘वेस्ट बंगाल इलेक्शन वाच’ नामक संस्था और एडीआर ने पहले चरण का चुनाव लड़ रहे सभी 191 प्रत्याशियों के हलफनामे का विश्लेषण किया है.

48 उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले होने की घोषणा की
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 48 (25 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने विरुद्ध आपराधिक मामले होने की घोषणा की है जबकि 42 (22 प्रतिशत) प्रत्याशियों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात स्वीकार की है. रिपोर्ट में कहा गया कि 191 उम्मीदवारों में से 19 (10) प्रतिशत करोड़पति हैं. बड़ी पार्टियों में से माकपा के 18 उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया जिनमें से 10 (56 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की बात स्वीकार की है.
इसी प्रकार भाजपा के 29 उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया जिनमें से 12 (41 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है. इसके अलावा जिन प्रत्याशियों का विश्लेषण किया गया उनमें से तृणमूल कांग्रेस के 29 में से 10 (35 प्रतिशत), कांग्रेस के 6 में से 2 (33 प्रतिशत), एसयूआईसी (सी) के 28 में से 3 (11 प्रतिशत) और बसपा के 11 में से एक (नौ प्रतिशत) उम्मीदवार ने हलफनामे में अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कबूल की है.



रिपोर्ट के अनुसार, इसी तरह जिन प्रत्याशियों का विश्लेषण किया गया उनमें से माकपा के 18 में से नौ (50 प्रतिशत), भाजपा के 29 में से 11 (38 प्रतिशत), तृणमूल कांग्रेस के 29 में से 8 (28 प्रतिशत), कांग्रेस के छह में से एक (17 प्रतिशत), बसपा के 11 में एक (9 प्रतिशत) तथा एसयूआईसी (सी) के 28 में से दो (सात प्रतिशत) उम्मीदवारों ने हलफनामों में अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होना स्वीकार किया है.

उम्मीदवारों के वित्तीय स्थिति पर रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ी पार्टियों में से जिन उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया उनमें से तृणमूल के 31 प्रतिशत, भाजपा के 14 प्रतिशत, माकपा के 11 प्रतिशत, कांग्रेस के 33 प्रतिशत और बसपा तथा एसयूआईसी (सी) के एक-एक उम्मीदवार ने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने को घोषणा की है.

रिपोर्ट में कहा गया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में खड़े प्रत्येक उम्मीदवार के पास औसतन 43.77 लाख रुपये की संपत्ति है.

दूसरे चरण में किस्मत आजमा रहे 25 प्रतिशत उम्मीदवार दागी: एडीआर
इसके साथ ही दूसरे चरण में अपनी किस्मत आजमा रहे 171 में से 25 (लगभग 43) प्रतिशत उम्मीदवारों ने बताया है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. चुनाव अधिकार समूह एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने यह जानकारी दी.

एडीआर ने कहा कि उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता की बात की जाए तो 63 (37 प्रतिशत) प्रत्याशियों ने बताया है कि उन्होंने कक्षा पांच से 12वीं तक की पढ़ाई की है, जबकि 101 (59 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता स्नातक या उससे अधिक बताई है. दो उम्मीदवार डिप्लोमाधारक हैं, चार प्रत्याशी साक्षर हैं और एक उम्मीदवार निरक्षर है. 'वेस्ट बंगाल इलेक्शन वाच' और एडीआर ने इन 171 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण कर यह जानकारी दी है. (भाषा इनपुट के साथ)
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