Bengal polls 2021: बंगाल में बीजेपी को हराने के लिए आखिरी चरण में चार मुस्लिम बहुल जिलों के भरोसे ममता बनर्जी

ममता बनर्जी (PTI)

ममता बनर्जी (PTI)

West Bengal Assembly Elections 2021: पिछले विधानसभा चुनावों में जब टीएमसी ने राज्य की 294 सीटों में से 211 सीटें हासिल कीं, तो भी इन चार जिलों में 49 में से सिर्फ 11 सीटें ही जीत सकी. यहां से कांग्रेस ने 26 और वामपंथी ने 10 सीटें जीतीं. ऐसे में ममता का पूरा ध्यान इन जिलों पर टिका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2021, 10:10 AM IST
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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) विधानसभा चुनाव के लिए आगामी चरणों (West Bengal Assembly Elections 2021) के लिए अब मुस्लिम बहुल मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तरी दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं. ममता इन चार जिलों में लोगों को बता रही है कि टीएमसी राज्य में अगली सरकार तभी बना पाएगी, जब यहां से सीटें जीतेगी.

उत्तर बंगाल के कूच बिहार के सितलकुची में 10 अप्रैल को हुई चुनावी हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस घटना का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के तौर पर कर रही है. टीएमसी लोगों को बता रही है कि वही बंगाल में अल्पसंख्यक समुदाय की एकमात्र रक्षक है.

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2016 के चुनावों में जब टीएमसी ने राज्य की 294 सीटों में से 211 सीटें हासिल कीं, तो भी मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर में 49 में से सिर्फ 11 सीटें ही जीत सकी. यहां से कांग्रेस ने 26 और वामपंथी ने 10 सीटें जीती थीं.
मंगलवार को मुर्शिदाबाद के भागबांगोला में बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मालदा और मुर्शिदाबाद मौजूदा चुनावों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं आपसे एकजुट होने का आग्रह करता हूं... इस बार अपने वोट को विभाजित न होने दें. अगर हमें इन दोनों जिलों और कुछ अन्य (जैसे दिनाजपुर) में अच्छी संख्या में सीटें मिलेंगी, तो हम सरकार बना पाएंगे. आपको यह समझना चाहिए कि मैं आपसे एक कारण के लिए अपील कर रही हूं... क्या आप चाहते हैं कि हमारे राज्य में बीजेपी आ जाए और एक और गुजरात बने?'

उन्होंने कहा कि अन्य पार्टियां (कांग्रेस-वाम-भारतीय सेक्युलर मोर्चा गठबंधन के संदर्भ में) लोगों से वोट मांगने के लिए बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही थीं. बनर्जी ने सोमवार को उत्तरी दिनाजपुर में चुनाव प्रचार किया. वह मंगलवार को मुर्शिदाबाद में थीं और बुधवार को मालदा और दक्षिण दिनाजपुर में चुनाव प्रचार करेंगी.

टीएमसी को लगता है कि कांग्रेस-लेफ्ट-आईएसएफ का तीसरा मोर्चा उत्तर बंगाल में सीतलकुची की घटना के बाद ज्यादा जोश में आ गया है. इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोरोना संक्रमित होने के बाद राज्य में अपने चुनावी अभियान रद्द कर दिए. ऐसे में बनर्जी की पार्टी इस क्षेत्र में ठोस कदम उठाने के अवसर को भुनाने की कोशिश कर रही है.



टीएमसी की इस बात को भुनाने की उत्सुकता मंगलवार को चुनाव आयोग (ईसी) से बाकी बचे चुनावों को एक साथ कराने की मांग से साफ जाहिर होता है. टीएमसी ने सातवें और आठवें चरण के मतदान को एक साथ कराने की मांग की है. हालांकि, पार्टी ने इसके पीछे कोरोना महामारी का हवाला दिया था.

बीजेपी को उम्मीद

दिलचस्प बात यह है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को इस क्षेत्र के 49 विधानसभा क्षेत्रों में से 10 में नेतृत्व मिला. इस नतीजे ने 2021 के चुनावों में पार्टी में एक नया जोश भरा है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अप्रैल को मालदा और मुर्शिदाबाद दोनों में सार्वजनिक रैलियां करेंगे और मतदाताओं से बीजेपी को मौका देने की अपील करेंगे. पार्टी ने वहां कुछ मुस्लिम उम्मीदवारों को भी उतारा है. इस क्षेत्र की कई सीटों पर, मुस्लिम आबादी का हिस्सा 50% से अधिक है; कुछ सीटों में, यह 80% -90% के बराबर है.
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