नंदीग्राम विधानसभा चुनाव परिणाम Live: ममता को मिलेगी जनता की 'ममता' या सुवेंदु खिलाएंगे कमल? जानें सियासी गणित

सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी (PTI)

सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी (PTI)

Mamata vs Suvendu, Nandigram Vidhan Sabha Chunav Result: बंगाल में आज सबकी निगाहें नंदीग्राम सीट पर लगी हैं. वजह साफ है कि यहां से प्रदेश के दो सबसे कद्दावर नेता ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) आमने-सामने हैं. जानकार बताते हैं कि बंगाल में भले जो जीते या हारे, लेकिन नंदीग्राम की जीत-हार अपने आप में नई इबारत लिखेगी.

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Nandigram Assembly Seat Election Result (नंदीग्राम विधान सभा चुनाव परिणाम): देश में कोरोना वायरस के रिकॉर्ड मामलों के बीच 62 दिन चली चुनाव प्रक्रिया के बाद आज पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी चुनाव के नतीजे आ रहे हैं. 5 राज्यों में सबसे ज्यादा नजरें बंगाल पर टिकी हैं, क्योंकि इस बार ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की तृणमूल कांग्रेस को लेफ्ट और कांग्रेस से नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) से सीधी टक्कर मिली. खास तौर पर नंदीग्राम सीट (Nandigram Assembly Seat) पर सबकी निगाहें बनी रहेंगी. यहां टीएमसी नेता ममता बनर्जी के खिलाफ उनके ही पूर्व सहयोगी सुवेंदु अधिकारी अब बीजेपी के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. चुनावों से पहले सुवेंदु ने बीजेपी का दामन थाम लिया था. अब देखना है कि क्या ममता बनर्जी को नंदीग्राम के लोगों की ममता मिलेगी या फिर सुवेंदु अधिकारी यहां बीजेपी को जीत दिला पाएंगे.

पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा आठ चरणों में चुनाव कराए गए थे. वहीं असम में तीन चरणों में वोटिंग हुई थी, बाकी के तीन राज्यों ने एक ही चरण में चुनाव संपन्न हुए. बंगाल की दो सीटों शमशेरगंज और जंगीपुर पर चुनाव नहीं हुआ था क्योंकि शमशेरगंज सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार और जंगीपुर सीट से आरएसपी उम्मीदवार का निधन हो गया था.

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नंदीग्राम में 1 अप्रैल को हुई थी वोटिंग
आठ चरणों में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 1 अप्रैल को नंदीग्राम में वोटिंग हुई थी और 88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. 2016 के मुकाबले नंदीग्राम में एक प्रतिशत ज्यादा वोटिंग हुई है और पिछली बार अधिकारी ने टीएमसी के टिकट पर इस सीट से जीत हासिल की थी.

ये 8 उम्मीदवार हैं मैदान में 

नंदीग्राम सीट पर इस बार 8 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इन उम्मीदवारों में सुवेंदु अधिकारी (बीजेपी), मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (टीएमसी), सीपीआईएम की उम्मीदवार मीनाक्षी मुखर्जी, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) के मनोज कुमार दास और निर्दलीय उम्मीदवारों में दीपक कुमार गायेन, सुब्रत बोस, एसके सद्दाम हुसैन और स्वपन पुरुआ.



नंदीग्राम सीट का इतिहास

2009 के उपचुनाव में टीएमसी ने लेफ्ट से इस सीट को छीना था और 2011 और 2016 में इस पर कब्जा बनाए रखा. सिंगुर और नंदीग्राम की लड़ाई के दम पर ममता बनर्जी बंगाल से लेफ्ट के शासन को उखाड़ फेंकने में सफल रही हैं. 2009 के उपचुनाव में टीएमसी की फिरोजा बीबी ने नंदीग्राम में 93,022 वोट हासिल करते हुए जीत हासिल की थी, जबकि बीजेपी के बीजन कुमार दास को सिर्फ 9,813 वोट मिले थे. सीपीआई के विधायक मुहम्मद इलियास के भ्रष्टाचार से जुड़े एक स्टिंग ऑपरेशन में फंसने के बाद इस सीट पर चुनाव हुए थे.

2011 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने लेफ्ट को मात देते हुए 34 साल के वामपंथी शासन को उखाड़ फेंका. टीएमसी की फिरोजा बीबी ने 61.21 फीसदी वोट हासिल कर नंदीग्राम में अपना कब्जा बनाए रखा. बीजेपी के दास को सिर्फ 1.72 प्रतिशत वोट मिले. 2014 के लोकसभा चुनावों में टीएमसी के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने बीजेपी के बादशाह आलम को तामलुक सीट से बड़े मतों के अंतर से हराया. नंदीग्राम, तामलुक सीट के अंतर्गत आता है. अधिकारी को 53.60 प्रतिशत वोट मिले तो आलम को महज 6.40 प्रतिशत वोट हासिल हुए.

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दो साल 2016 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी 67.20 प्रतिशत वोट के साथ विजयी हुए और बीजेपी के दास सिर्फ 10,713 (5.40 प्रतिशत) वोट मिले. हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में स्थितियां बदल गईं. बीजेपी ने बंगाल में 18 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की. टीएमसी ने सुवेंदु अधिकारी के भाई दिव्येंदु अधिकारी को चुनाव मैदान में उतारा, जिन्होंने बीजेपी के सिद्धार्थ नास्कर को तामलुक से चुनावी मात दी. दिब्येंदु को 190,165 वोटों से जीत मिली और टीएमसी को कुल 50.08 फीसदी वोट हासिल हुए, जबकि बीजेपी को 36.44 फीसदी वोट मिले.



क्या कहते हैं चुनावी समीकरण?

नंदीग्राम में 2021 की लड़ाई अलग है. टीएमसी का यहां पिछला प्रदर्शन शानदार रहा है और ममता बनर्जी के चुनावी मैदान में उतरने के बाद समीकरण बदल गए हैं. बीजेपी की ओर से सुवेंदु अधिकारी चुनावी मैदान में हैं, जिनका परिवार पूर्वी मिदनापुर में काफी पकड़ रखता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, नंदीग्राम में बीजेपी को हिंदू वोटरों से बड़ी उम्मीद है, तो टीएमसी 30 फीसदी मुस्लिम वोटरों से आस लगाए हुए है. 2011 की जनगणना के मुताबिक नंदीग्राम के ब्लॉक 1 में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 34.04 प्रतिशत है, जबकि ब्लॉक 2 में मुस्लिम मतदाताओं की आबादी 2 फीसदी है.
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