Assembly Banner 2021

बंगाल में आठ चरणों में वोटिंग कराने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, चुनाव आयोग ने दिए थे ये तर्क

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट

West Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव आठ चरणों में होंगे.

  • Share this:

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में सोमवार को एक याचिका दायर की गई है. वकील एमएल शर्मा द्वारा दायर याचिका में न्यायालय से आयोग को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह राज्य में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव नहीं कराए क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 14 (जीवन के अधिकार) और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है.


निर्वाचन आयोग ने 26 फरवरी को पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले चुनावों के लिए कार्यक्रम की घोषणा की थी. पश्चिम बंगाल में जहां 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में चुननाव होंगे वहीं तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में छह अप्रैल को चुनाव होंगे. असम में तीन चरणों में चुनाव होने हैं.


Youtube Video

याचिका पर अगले कुछ दिनों में सुनवाई होने की उम्मीद है. याचिका में न्यायालय से अनुरोध किया गया है कि वह पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान कथित तौर पर धार्मिक नारे लगाने को लेकर सीबीआई को मामला दर्ज करने का निर्देश दे. याचिका में कहा गया कि “जय श्री राम और अन्य धार्मिक नारे लगाने से वैमनस्य फैल रहा है” यह भादंवि और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत अपराध है.


बंगाल चुनाव आठ चरण में कराने के पीछे आयोग ने दिये थे ये तर्क
पश्चिम बंगाल में आठ चरण विधानसभा चुनाव की घोषणा को लेकर कुछ लोगों द्वारा आलोचना किए जाने के बीच चुनाव आयोग (ईसी) के अधिकारियों ने 26 फरवरी को कहा था कि कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए, त्योहारों, सुरक्षा बलों की आवाजाही और मतदान केंद्रों की संख्या में वृद्धि के कारण चुनाव के चरणों को बढ़ाना पड़ा.






पश्चिम बंगाल में चरणों की संख्या बढ़ाने को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा ने कहा कि जब चुनाव आयोग कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन करता है, तो यह कई कारकों पर आधारित होता है. उन्होंने कहा, '2016 में पश्चिम बंगाल (विधानसभा) के चुनाव भी तो सात चरणों में हुए थे. लोकसभा चुनाव भी सात चरणों में हुए थे. इसलिए, सात से आठ चरण इतनी बड़ी बात नहीं है क्योंकि हमें सुरक्षा बलों की व्यवस्था देखनी होगी.'

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज