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ममता के गोत्र बताने पर भड़के ओवैसी, बोले- मेरे जैसे लोग क्या करें जो न शांडिल्य हैं, न जनेऊधारी

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी  (PTI)

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी (PTI)

West Bengal Assembly Elections: ममता के इस बयान पर ओवैसी ने उनकी निंदा करते हुए कहा है कि- मैं उनके (ममता बनर्जी) के उस बयान कि निंदा करता हूं जिसमें उन्होंने खुद को उच्च जाति का बताने का दावा किया है."

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 7:32 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal CM Mamata Banerjee) के बयान को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM Chief Asadu ने निशाना साधा. दरअसल ममता बनर्जी ने एक चुनावी रैली में अपना गोत्र बताया जिसे लेकर ओवैसी ने उनकी निंदा की. ममता बनर्जी ने कहा कि "अपने दूसरे चुनाव प्रचार के दौरान मैं मंदिर गई थी, जहां पुजारी से मुझसे मेरा गोत्र पूछा. मैंने कहा- मां, माटी, मानुष. इससे मुझे अपनी त्रिपुरा यात्रा की याद आती है जहां के पुजारी ने भी मुझसे मेरा गोत्र पूछा था, तब भी मैंने कहा था- मां, माटी, मानुष. असल में मैं शांडिल्य हूं."

ममता के इस बयान पर ओवैसी ने उनकी निंदा करते हुए कहा है कि- मैं उनके (ममता बनर्जी) के उस बयान कि निंदा करता हूं जिसमें उन्होंने खुद को उच्च जाति का बताने का दावा किया है. बंगाल के मुस्लिम और दलित कहां जाएंगे, जो कि वर्ण व्यवस्था का हिस्सा ही नहीं हैं? वह प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी जैसी सांप्रदायिकता की राजनीति कर रही हैं. वह एक-दूसरे के लिए ही बने हैं.

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ओवैसी ने ट्वीट कर साधा निशाना
ओवैसी ने इस संबंध में ट्वीट कर कहा कि "उन लोगों का क्या होगा जो कि न ही शांडिल्य हैं और न ही जनेऊधारी हैं, और न ही किसी भगवान के भक्त हैं, न चालीसा पढ़ते हैं और न ही कोई पाठ? हर पार्टी को ऐसा महसूस होता है कि चुनाव जीतने के लिए उसकी हिंदू साख जरूरी है. ये असंबद्ध, अपमानजनक है और सफल होने की संभावना नहीं है."

ओवैसी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि "ममता बनर्जी की दुनिया में जिन लोगों का कोई गोत्र नहीं है वह कठपुतली हैं. हम खुद के लिए सोचने की हिम्मत कैसे करते हैं ?! उन्होंने आरएसएस को देशप्रेमी कहा और उन्हें बंगाल को बदलने के लिए 1% समर्थन की भीख मांगी. उन्होंने 2002 में लोकसभा में बीजेपी के लिए मतदान किया जब हर सभ्य मानव ने गुजरात की निंदा की."

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एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि "बंगाल के 80% मुसलमान 5000 से कम कमाते हैं. क्या मैं इसके लिए जिम्मेदार हूं या यह 1% आरएसएस का समर्थन है? बंगाल के 27 प्रतिशत मुस्लिम और 22 प्रतिशत दलित को क्या करना चाहिए, जो कि गोत्र / वर्ण-मुक्त हैं. आप हमें केवल गुलाम के रूप में देख सकते हैं क्योंकि आप ऐसा करते आए हैं. हम स्वतंत्र राजनीतिक आवाज चाहते हैं न की गोत्र की पहचान."

बता दें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के उम्मीदवार भी मैदान में हैं.
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