Assembly Banner 2021

West Bengal Assembly Elections: अभी से डगमगा रहा है ममता बनर्जी का विश्वास! हो रही है राहुल गांधी से तुलना

 ममता बनर्जी की बात करें तो भाजपा उन पर हमेशा से जय श्री राम नारे को लेकर तंज करती रही है.

ममता बनर्जी की बात करें तो भाजपा उन पर हमेशा से जय श्री राम नारे को लेकर तंज करती रही है.

West Bengal Assembly Elections: नंदीग्राम में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा भी ‘मेरे साथ हिंदू कार्ड मत खेलना. मैं हिंदू की बेटी हूं ब्राह्मण परिवार में पली-बढ़ी हूं. यदि हिंदू कार्ड ही खेलना है, तो पहले तय कर लो कि तुम अच्छे हिंदू हो या नहीं हो.‘

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 11, 2021, 1:42 PM IST
  • Share this:
कोलकाता. क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमों ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) का विश्वास डगमगा रहा है. यह सवाल इसलिए उठ रहा क्योंकि जैसे जैसे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) की तारीख नजदीक आ रही है मुख्यमंत्री बनर्जी के सुर बदल रहे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद भी ममता बनर्जी सार्वजनिक मंचों से कलमा पढ़ती नजर आती थी. औरअब वही ममता बनर्जी इस बार के विधानसभा चुनाव के दौरान मंच से चंडीपाठ का पाठ करती हुई नज़र आ रही हैं और खुद को हिंदू होने के बावजूद भी उनको हिन्दू बताने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है.

जय श्रीराम के जयकारे पर मुंह बनाने वाली ममता अब भगवान शिव की आराधना कर रही हैं. लिहाजा यह सवाल बंगाल में हर कोई पूछ रहा है कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य में भाजपा की बढती ताकत का अंदाजा हो गया है. सवाल उठना स्वाभाविक है कि भाजपा पर हिन्दूवादी राजनीति करने का आरोप लगाने वाली ममता दीदी खुद हिन्दुत्व का कार्ड क्यों खेल रही है. क्या ममता बनर्जी भी अचानक कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की तरह चुनावी समय देख कर सनातनी हिन्दू बन रही हैं...

Youtube Video




27 मार्च को होगी पहले चरण की वोटिंग
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 27 मार्च को है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में हुई विशाल रैली के बाद से ममता बनर्जी खुद को मुस्लिम परस्त राजनीति से परे हिन्दुत्व की छवि के साथ भी खुद को बंगाल के मतदाता के सामने पेश करने लगी. इसकी एक वजह पश्चिम बंगाल में कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन में फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट का शामिल होना भी है. माना जा रहा है कि मुस्लिम वोट बैंक पर कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन की दावेदारी जताने के बाद से तृणमूल कांग्रेस में इस बात की आशंका है कि मुस्लिम वोट बंट सकता है. हिन्दुत्व के मुद्दे पर भाजपा पहले से ही सवार है ऐसे में ममता अपनी उस छवि से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है जिसके चलते उनकी छवि मुस्लिम परस्त राजनीति करने वाली बन रही थी या उन पर भाजपा और हिन्दूवादी संगठन मुस्लिम परस्त राजनीति करने के आरोप लगा रहे थे.

ये भी पढ़ेंः- केरल में चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, वरिष्ठ नेता पीसी चाको ने सोनिया गांधी को भेजा इस्तीफा

मेरे साथ हिंदू कार्ड मत खेलना...
नंदीग्राम में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा भी ‘मेरे साथ हिंदू कार्ड मत खेलना. मैं हिंदू की बेटी हूं ब्राह्मण परिवार में पली-बढ़ी हूं. यदि हिंदू कार्ड ही खेलना है, तो पहले तय कर लो कि तुम अच्छे हिंदू हो या नहीं हो.‘ इस मौके पर ममता बनर्जी ने माता दुर्गा का पाठ किया और भगवान शिव की आराधना भी की. उन्होंने जनसभा में मौजूद लोगों के सामने देवी की आराधना की. कई मंत्रोच्चार किए और हर मंत्रोच्चार के बाद मौजूद जनता से पूछा- खेला होबे? अब ये अलग बात है कि प.बंगाल बीजेपी ने उनके मंत्रोच्चार को भी ग़लत बता दिया.

राहुल गांधी से हो रही ममता बनर्जी की तुलना
ममता बनर्जी के इस रूप को देख लोग उनकी तुलना कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से कर रहे हैं. दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने भी इस तरह चुनाव से ठीक पहले हिंदू कार्ड खेलने की कोशिश की थी. राहुल गांधी ने खुद को जनेऊधारी ब्राह्मण बताया. मंदिर-मंदिर देवी देवताओं की आराधना की और राहुल की तरह इस बार ममता बनर्जी भी पहले चरण के मतदान से पहले खुद को ब्राह्मण की बेटी के रूप में पेश कर रही हैं. लिहाजा बंगाल की चुनावी राजनीति में हिन्दुत्व का मुद्दा भी केंद्र में आ गया है. यानी ममता बनर्जी भाजपा की चुनावी पिच पर आ गई हैं.

जय श्री राम को लेकर बीजेपी पर तंज
यदि ममता बनर्जी की बात करें तो भाजपा उन पर हमेशा से जय श्री राम नारे को लेकर तंज करती रही है. कभी ममता बनर्जी की नमाज पढ़ते तस्वीर वायरल होती है तो कभी जय श्री राम नारे से चिढ़कर ममता बनर्जी विरोधियों की खबर लेती दिखती हैं. पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीखों के ऐलान के दिन भी ममता बनर्जी देवी मां की पूजा में लीन मिली थी. जिस दिन ममता ने उम्मीदवारों के नामों का एलान किया था, वो दिन शुक्रवार जुम्मे का था जबकि, नंदीग्राम में सोमवार को ममता बनर्जी दुर्गा पाठ और शिव आराधना में जुटी रहीं. देखना यह है कि हिन्दुत्व के मुद्दे पर ममता बनर्जी अभी और क्या कुछ करती हैं क्योंकि सवाल चुनाव का है और प. बंगाल की सत्ता का है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज