पश्चिम बंगाल में मॉब लिंचिंग पर अब उम्रकैद से लेकर फांसी तक की मिलेगी सजा

News18Hindi
Updated: August 31, 2019, 10:12 AM IST
पश्चिम बंगाल में मॉब लिंचिंग पर अब उम्रकैद से लेकर फांसी तक की मिलेगी सजा
शुक्रवार को सदन में पश्चिम बंगाल (लिंचिंग रोकथाम) विधेयक पेश किया गया.

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) के बढ़ते मामले को देखते हुए शुक्रवार को सदन में पश्चिम बंगाल (लिंचिंग रोकथाम) विधेयक पेश किया गया. टीएमसी (TMC) की ओर से लाए गए इस विधेयक का विपक्षी दल माकपा और कांग्रेस (Congress) ने भी समर्थन किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2019, 10:12 AM IST
  • Share this:
पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा (Assembly)ने भीड़ द्वारा हमला करने और मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) (पीट-पीटकर हत्या) करने की घटनाओं की रोकथाम के लिए शुक्रवार को एक विधेयक (Bill) पारित किया गया. इस विधेयक में मॉब लिंचिंग को अपराध की श्रेणी में रखा गया है. इसी के साथ अब अगर कोई लिंचिंग में दोषी पाया जाता है तो उसे उम्र कैद से लेकर फांसी तक की सजा सुनाई जा सकती है.

मॉब लिंचिंग के बढ़ते मामले को देखते हुए शुक्रवार को सदन में पश्चिम बंगाल (लिंचिंग रोकथाम) विधेयक पेश किया गया. टीएमसी की ओर से लाए गए इस विधेयक का विपक्षी दल माकपा और कांग्रेस ने भी समर्थन किया. मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी भाजपा ने इस विधेयक का न तो समर्थन किया और न ही विरोध क्योंकि उसे लगता है कि इस कानून का उपयोग राजनीतिक तौर पर फायदा उठाने के लिए किया जा सकता है.

विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सदन में कहा, लिंचिंग एक सामाजिक बुराई है और हम सभी को उसके खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना होगा. उच्चतम न्यायालय ने लिंचिंग के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को उसके विरुद्ध कानून लाना चाहिए. चूंकि उसने अबतक ऐसा किया नहीं है, इसलिए हम इस सामाजिक बुराई के खिलाफ संघर्ष के लिए अपने राज्य में यह कानून ला रहे हैं. इस विधेयक का उद्देश्य लिंचिंग की चपेट में आने वाले व्यक्तियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और लिंचिंग की घटनाएं रोकना है. इसमें ऐसे अपराध को करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव है.

West Bengal, Assembly, Mob lynching, Bill, Crime, Life imprisonment, hanging
अगर कोई लिंचिंग में दोषी पाया जाता है तो उसे उम्र कैद से लेकर फांसी तक की सजा सुनाई जा सकती है.


किस तरह की मिलेगी सजा
इस कानून में मारपीट और पीड़ित को घायल करने के अपराध पर तीन साल कारावास से लेकर आजीवन कैद तक का प्रावधान किया गया है. विधेयक में कहा गया है कि यदि ऐसी मारपीट में पीड़ित व्यक्ति की जान चली जाती है तो इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को मृत्युदंड या आजीवन सश्रम कारावास और पांच लाख तक जुर्माना हो सकता है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 31, 2019, 10:12 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...