टीएमसी चीफ पर दिलीप घोष का पलटवार, 2 मई के बाद ममता देंगी इस्तीफा, अमित शाह नहीं

अमित शाह और दिलीप घोष   (PTI Photo)

अमित शाह और दिलीप घोष (PTI Photo)

BJP chief Dilip Ghosh: राज्य बीजेपी चीफ ने कमरहाटी में कहा कि बंगाल में पहली बार विधानसभा चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं. हंगामा और बवाल करने वाले लोगों को दंडित किया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2021, 8:56 PM IST
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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की राजनीति में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के इस्तीफे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. दरअसल चुनाव में हिंसा के लिए गृहमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगा था, जिस पर पलटवार करते हुए बंगाल बीजेपी चीफ दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी 2 मई के बाद इस्तीफा देंगी. अमित शाह (Amit Shah) इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि अमित शाह गृहमंत्री हैं, इसका मतलब है कि देश सुरक्षित है. राज्य बीजेपी चीफ ने कमरहाटी में कहा कि बंगाल में पहली बार विधानसभा चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं. हंगामा और बवाल करने वाले लोगों को दंडित किया जा रहा है.

हिंसा में पुलिस अधिकारी की मौत

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में शनिवार तड़के छापेमारी के दौरान भीड़ द्वारा कथित तौर पर पीटे जाने से बिहार के एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि यह घटना गोवालपोखर थाना क्षेत्र के पंथापाड़ा गांव में उस समय हुई, जब बिहार के किशनगंज जिले के नगर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार मोटरसाइकिल लूट के मामले में एक छापेमारी का नेतृत्व कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए एक पुलिस टीम के साथ कुमार गांव में गये थे. यह मामला किशनगंज पुलिस थाने में दर्ज है. उन्होंने बताया कि भीड़ ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया. उन्होंने बताया कि इसके बाद पंजिपारा चौकी से पुलिसकर्मियों की एक टीम ने उन्हें भीड़ से छुड़ाया और इस्लामपुर सदर अस्पताल ले गई जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. उनकी पहचान फिरोज आलम, अबुजर आलम और सहीनुर खातून के रूप में हुई है. पश्चिम बंगाल में उत्तर दिनाजपुर और बिहार में किशनगंज सीमा साझा करते हैं. इस्लामपुर में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस अधिकारी का पार्थिव शरीर दिन में किशनगंज पुलिस लाइन लाया गया. कुमार को किशनगंज पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. हालांकि कुमार के परिवार ने साजिश का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने टीम के अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाया, जब कुमार को भीड़ द्वारा पीटा जा रहा था. परिवार ने यह भी जानना चाहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस को छापेमारी के बारे में पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गई.
शव को लेकर घंटों चला हंगामा

पुलिस ने बताया कि शव को लेकर हंगामा एक घंटे तक चला, इसके बाद किशनगंज के जिलाधिकारी आदित्य प्रकाश और पूर्णिया रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुरेश कुमार चौधरी सहित अन्य शीर्ष अधिकारियों ने कुमार के परिवार के साथ बैठक की और उन्हें घटना की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद वे शव को पूर्णिया के जानकी नगर में कुमार के पैतृक स्थान पर ले गए. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक पी नीरजनयन ने बिहार के पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल से बात की और उन्हें मामले पर पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया.





एक बयान में, बिहार पुलिस ने कहा कि वह कुमार के परिजनों को नौकरी प्रदान करने पर विचार कर रही है. अधिकारियों ने बताया कुमार, पूर्णिया जिले के जानकी नगर थाना क्षेत्र के निवासी और 1994 बैच के निरीक्षक थे. वह एक वर्ष पूर्व किशनगंज नगर थाना में पदस्थापित हुए थे.
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