बंगाल में बढ़ सकती हैं बीजेपी की मुश्किलें, दीदी के साथ वापस जाने को तैयार कई नेता

ममता बनर्जी (फ़ाइल फोटो)

West Bengal: माना जा रहा है कि ऐसे नेताओं की लिस्ट लंबी है जो टीएमसी में वापसी करना चाहते हैं. आईए एक नजर डालते हैं उन नेताओं के नाम पर जो बीजेपी का दामन छोड़ कर ममता बनर्जी का हाथ थाम सकते हैं.

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    नई दिल्ली.  पश्चिम बंगाल की राजनीति में अटकलों का दौर शुरू हो गया है. ऐसा लग रहा है कि इस साल विधानसभा चुनाव में हार के बाद बीजेपी के कई नेता नाराज़ हैं और वे ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) के साथ एक बार फिर से हाथ मिलाना चाहते हैं. ये वो नेता हैं जो पहले दीदी के साथ थे. बीजेपी नेता मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय (Subhranshu Roy) बार-बार ये संकेत दे रहे हैं कि वो ममता की पार्टी से दूर नहीं गए हैं. शनिवार को उन्होंने बनर्जी का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने मुश्किल घड़ी में उनके परिवार का हालचाल जाना इसके लिए वो मुख्यमंत्री के आभारी हैं. इससे पहले उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए बीजेपी को इशारों ही इशारों में आत्ममंथन की नसीहत दे डाली थी.

    न्यूज़ 18 बांग्ला से खास बातचीत करते हुए शुभ्रांशु रॉय ने ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी की भी तारीफ की थी. उन्होंने कहा था, 'एक विरोधी दल में होने के बावजूद अभिषेक पिछले दो सप्ताह से मेरी मां के स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ कर रहे हैं. वो मेरी मां को देखने आए. मैं उनका आभारी हूं.' इस बीच मुकुल राय ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं. माना जा रहा है कि ऐसे नेताओं की लिस्ट लंबी है जो टीएमसी में वापसी करना चाहते हैं. आईए एक नजर डालते हैं उन नेताओं के नाम पर जो बीजेपी का दामन छोड़ कर टीएमसी का हाथ थाम सकते हैं.

    मुकुल रॉय
    मुकुल रॉय साल 2017 में टीएसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे. कहा जा रहा है कि उनकी मेहनत के दम पर ही बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में 18 सीटें जीतीं. अटकलें लगाई जा रही हैं कि हाल में खत्म हुए राज्य विधानसभा चुनावों में बीजेपी के खराब प्रदर्शन के बाद अब मुकुल रॉय टीएमसी में वापस आ सकते हैं.

    दीपेंदु विश्वास
    पश्चिम बंगाल चुनाव में टिकट नहीं मिलने के कारण बीजेपी में शामिल होने वाले दीपेंदु विश्वास उत्तर 24 परगना बशीरहाट दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं. बनर्जी को लिखे अपने पत्र में बिस्वास ने कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़कर एक 'खराब फैसला' लिया और वापस लौटना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि पद छोड़ने का उनका निर्णय 'भावनात्मक' था. उन्होंने बशीरहाट दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करने की इच्छा भी व्यक्त की.

    सोनाली गुहा
    चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुईं सोनाली गुहा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर पार्टी छोड़ने के लिए उनसे माफी मांगी और उन्हें वापस लेने का आग्रह किया. गुहा द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए पत्र में उन्होंने कहा कि भावुक होने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी. उन्होंने लिखा,'मैं टूटे हुए मन से यह लिख रही हूं कि मैंने भावुक होकर दूसरी पार्टी में शामिल होने का गलत फैसला लिया.'

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    सरला मुर्मू
    सरला मुर्मू, जिन्होंने कथित तौर पर सत्ताधारी पार्टी द्वारा उन्हें दिए गए टिकट से नाखुश होने के कारण कैंप बदल लिया था. मुर्मू ने कहा कि वह चाहती हैं कि पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी उन्हें माफ कर दें. मुर्मू ने अपने मालदा स्थित घर पर संवाददाताओं से कहा, 'अगर वह मुझे स्वीकार करती हैं, तो मैं उनके साथ रहूंगी और पार्टी के लिए पूरी लगन से काम करूंगी.'

    अमोल आचार्य
    उत्तर दिनाजपुर के विधायक अमोल आचार्य ने कहा कि हाल ही में सीबीआई द्वारा टीएमसी नेताओं को प्रताड़ित करने के कारण वह भाजपा छोड़ रहे हैं. आचार्य, जो भाजपा में शामिल हुए, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया था, ने कहा था, 'मैंने हमेशा ममता बनर्जी को अपना नेता माना है. लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे नामांकन से वंचित कर दिया जाएगा. मैं परेशान होकर बीजेपी में शामिल हो गया. वो एक गलती थी.'