पश्चिम बंगाल: BJP कार्यकर्ता की पुलिस हिरासत मे मौत, बढ़ा विवाद

भाजपा का झंडा (सांकेतिक तस्वीर)
भाजपा का झंडा (सांकेतिक तस्वीर)

बीजेपी (BJP) ने पुलिस (West Bengal Police) पर अपने कार्यकर्ता को प्रताड़ित कर मार डालने का आरोप लगाया है. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और पुलिस ने इस आरोप को खारिज कर दिया है. पार्टी नेतृत्व ने आरोप को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 16, 2020, 11:35 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले (West Bengal's Purba Medinipur) में कथित तौर पर पुलिस हिरासत (Police Custody) में भाजपा के एक कार्यकर्ता (Death Of BJP Worker) की मौत होने के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच वाक् युद्ध छिड़ गया. बीजेपी ने पुलिस पर अपने कार्यकर्ता को प्रताड़ित कर मार डालने का आरोप लगाया है. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस और पुलिस ने इस आरोप को खारिज कर दिया है. पार्टी नेतृत्व ने आरोप को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है.

हमारी हिरासत में नहीं था बीजेपी कार्यकर्ता: पुलिस
पुलिस ने कहा कि मदन घोराई नाम का यह भाजपा कार्यकर्ता न्यायिक हिरासत में था और उसकी हिरासत में नहीं था. भाजपा सांसद एवं पार्टी प्रदेश महासचिव लॉकेट चटर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में सेंट्रल एवेन्यु में धरना दिया. दरअसल, पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को घोराई के शव के साथ प्रदर्शन मार्च निकालने से रोक दिया था.

प्रदेश भाजपा ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पताशपुर थाने को 13 अक्टूबर को कोलकाता के एक सुधार गृह से यह संदेश आया कि घोराई की शहर के एक अस्पताल में मौत हो गई है. प्रदेश भाजपा ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है. पार्टी के नेताओं ने शव का फिर से पोस्टमार्टम कराने के लिये कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख भी किया है.





इलाके में भाजपा का बूथ उपाध्यक्ष था मदन
घोराई को अपहरण के एक मामले में 26 सितंबर को जिले के पताशपुर में गिरफ्तार किया गया था. वह इलाके में भाजपा का बूथ उपाध्यक्ष था. घोराई का शव यहां प्रदेश भाजपा कार्यालय लाया गया, जहां पार्टी नेताओं ने श्रद्धांजलि दी. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.
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