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ममता सरकार ने पेश किया लोक लुभावन बजट, 75 यूनिट तक मुफ्त मिलेगी बिजली!

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Updated: February 11, 2020, 12:10 AM IST
ममता सरकार ने पेश किया लोक लुभावन बजट, 75 यूनिट तक मुफ्त मिलेगी बिजली!
बजट पेश होने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि यह बजट सभी वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. (File Photo)

पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal) में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार (Trinmool Congress Government) का यह आखिरी पूर्ण बजट है.

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  • Last Updated: February 11, 2020, 12:10 AM IST
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कोलकाता. आगामी विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) पर नजर रखते हुये पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal) ने मुफ्त बिजली और रोजगार सृजन पर जोर देते हुये लोक लुभावन बजट पेश किया है. राज्य में अगले तीन साल के दौरान 100 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम पार्क बनाने और प्रत्येक तिमाही 75 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की गई है. पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा (Amit Mitra) ने राज्य विधानसभा में कुल मिलाकर 2,55,677 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है जिसमें मात्र आठ करोड़ रुपये का घाटा दिखाया गया है.

राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार (Trinmool Congress Government) का यह आखिरी पूर्ण बजट है. पश्चिम बंगाल सरकार ने तिमाही आधार पर 75 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है.

सामाजिक क्षेत्र का आवंटन बढ़ा
बजट में 2021 के विधानसभा चुनावों पर नजर रखते हुये और 107 नगर निकायों के आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुये तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने प्राथमिक तौर पर सामाजिक क्षेत्र के लिये आवंटन बढ़ाया है वहीं पिछड़े वर्ग को भी खुश करने का प्रयास किया गया है.

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की इन पिछड़े समूहों वाले क्षेत्र में पैठ दिखाई दी है. राज्य के 2020- 21 के बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिये 5,150 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं. इसके साथ ही एमएसएमई क्षेत्र में रोजगार सृजन पर भी जोर दिया गया है.

वित्त मंत्री अमित मित्रा ने अपने बजट भाषण में दावा किया है कि जहां एक तरफ देश के स्तर पर विभिन्न आर्थिक संकेतकों में अर्थव्यवस्था नीचे जा रही है वहीं पश्चिम बंगाल में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वृद्धि और दूसरे पैमानों पर अर्थव्यवस्था में सुधार दर्ज किया गया है.

इन कार्यों के लिए हुआ है आवंटनमित्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने नये विश्वविद्यालय खोलने, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के बुजुर्गों के कल्याण, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, एमएसएमई क्षेत्र, बेरोजगार युवकों को सहायता, चाय बागान कर्मचारियों के साथ ही गरीब को निशुल्क बिजली देने और सरकारी सेवाओं को पाने में मदद के लिये बजट में आवंटन किया गया है. अगले साल के लिये बजट में इन क्षेत्रों के लिये 5,150 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं.

वित्त मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्य में 9.11 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने में सफलता हासिल की गई. उन्होंने कहा कि 2020- 21 के बजट में 70,807 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त होने का अनुमान रखा गया है जबकि 2019- 20 के संशोधित अनुमान में 65,806 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है. राज्य सरकार के बजट में वैट, सीएसटी, प्रवेश शुल्क से जुड़े विवादों के निपटान के लिये योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है. इसी प्रकार मोटर वाहन कानून, बकाया स्टाम्प शुल्क पर ब्याज माफी और मौजूदा परिसर से जुड़े प्लॉट के विलय पर स्टांप शुल्क कम करने जैसे कदमों की भी घोषणा की गई है.

'सभी वर्गों का ध्यान रखकर बनाया गया बजट'
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट पेश किये जाने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बजट को जनहित वाला बजट बताया और कहा कि यह बजट सभी वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने विभिन्न मामलों में राज्य सरकार को एक लाख करोड़ रुपये की राशि देने से इनकार किया है. इस अवसर पर वित्त मंत्री अमित मित्रा भी उनके साथ थे.

बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये उन्हें विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर काम करना चाहिये और ‘‘बदले की राजनीति’’ से दूर रहना चाहिये.

उन्होंने अर्थव्यवस्था के बारे में रिजर्व बैंक की हाल में की गई टिप्पणी का हवाला देते हुये कहा कि केन्द्र सरकार को नफरत की राजनीति छोड़कर अर्थव्यवस्था की तरफ ध्यान देना चाहिये.

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First published: February 10, 2020, 11:05 PM IST
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