ममता सरकार का यू-टर्न : दुर्गा पूजा पर दी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छूट, पहले लगाया था बैन

तस्वीर ममता बनर्जी की फेसबुक वॉल से साभार.
तस्वीर ममता बनर्जी की फेसबुक वॉल से साभार.

राज्य सरकार (West Bengal Government) ने घोषणा की है कि अब दुर्गा पूजा (Durga Puja 2020) के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम (Cultural Events) भी होंगे. इससे पहले सरकार ने कोरोना के मद्देनजर ऐसे कार्यक्रमों पर रोक लगा रखी थी. हालांकि सरकार की तरफ से यह निर्देश भी दिए गए हैं कि सांस्कृतिक कार्यक्रम खुली जगहों पर ही आयोजित किए जाएंगे.

  • Last Updated: October 14, 2020, 7:20 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal Government) ने दुर्गा पूजा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों (Cultural Events) को लेकर यू-टर्न (U-Turn) ले लिया है. मंगलवार को राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अब दुर्गा पूजा (Durga Puja 2020) के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे. इससे पहले सरकार ने कोरोना के मद्देनजर ऐसे कार्यक्रमों पर रोक लगा रखी थी. हालांकि सरकार की तरफ से यह निर्देश भी दिए गए हैं कि सांस्कृतिक कार्यक्रम खुली जगहों पर ही आयोजित किए जाएंगे और इनमें सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का खयाल रखा जाए.

मुख्यमंत्री ने ये कहा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी Chief Minister Mamata Banerjee ने कहा है- हमने 100 लोगों के सामूहिक जुटान की छूट दे दी है लेकिन कोरोना संबंधी नियमों का पालन किया जाना बेहद जरूरी है. अगर संचालकों के पास ज्यादा जगह की व्यवस्था हो जाए तो वो 200 लोगों का सामूहिक जुटान भी कर सकते हैं. लेकिन ऐसे कार्यक्रम पूजा पंडालों के भीतर नहीं आयोजित किए जा सकते. अगर ऐसा होगा तो पुलिस और पूजा कमेटी दोनों के लिए ही भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाएगा. ममता बनर्जी ने पुलिसवालों से भी थोड़ी ढील बरतने को कहा है क्योंकि कोरोना की वजह से कलाकारों के पास भी लंबे समय से काम नहीं है.


गर्मा रहा है पश्चिम बंगाल की सियासी पारा


गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है. राज्य बीजेपी लगातार राजनीतिक हत्याओं के विरोध में प्रदर्शन कर रही है. बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर ममता सरकार आलोचनाओं के घेरे में भी आई है. इस बीच देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पश्चिम बंगाल जाने वाले हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 22 अक्टूबर को पूजा की बात के जरिए पश्चिम बंगाल की जनता को संबोधित करने वाले हैं. माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां और ज्यादा बढ़ सकती हैं.
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