ममता बनर्जी ने इन महापुरुषों की तस्वीर लगाकर फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम की डीपी बदली

इसी तस्वीर को शेयर करते हुए ममता बनर्जी ने रविवार को एक पोस्ट की थी. फेसबुक पोस्ट में ममता ने लिखा था- 'हम जनसाधारण को यह सूचित करना चाहते हैं कि बीजेपी के कुछ समर्थक मीडिया के एक वर्ग के जरिए घृणा की विचारधारा फ़ैलाने का प्रयास कर रहे हैं.

News18Hindi
Updated: June 3, 2019, 11:58 AM IST
ममता बनर्जी ने इन महापुरुषों की तस्वीर लगाकर फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम की डीपी बदली
ममता बनर्जी की फाइल फोटो
News18Hindi
Updated: June 3, 2019, 11:58 AM IST
लोकसभा चुनाव में ज्यादातर सीटों पर हार के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर डिस्प्ले पिक्चर यानी डीपी बदल दी है. ममता की नई डीपी में बांग्ला में 'जय हिंद' और 'जय बांग्ला' लिखा हुआ है. इसमें रवींद्र नाथ टैगोर, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, स्वामी विवेकानंद , मातंगिनी हाजरा, काजी नजरुल इस्लाम, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, राजा राममोहन रॉय, बीआर आंबेडकर की तस्वीर लगी हुई है.

इससे पहले लोकसभा चुनाव में एक हिंसा के दौरान ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ दी गई थी. टीएमसी और बीजेपी ने एक दूसरे पर आरोप लगाए थे. मूर्ति टूटने के बाद ममता बनर्जी सहित पार्टी के कई नेताओं ने अपने ट्विटर हैंडल पर ईश्वरचंद्र विद्यासागर की फोटो लगा ली थी.

इसी तस्वीर को शेयर करते हुए ममता ने रविवार को एक पोस्ट की. फेसबुक पोस्ट में ममता ने लिखा था- 'हम जनसाधारण को यह सूचित करना चाहते हैं कि बीजेपी के कुछ समर्थक मीडिया के एक वर्ग के जरिये घृणा की विचारधारा फ़ैलाने का प्रयास कर रहे है. फर्जी वीडियो, जाली ख़बरें, झूठी ख़बरें और दुष्प्रचार करके वे गड़बड़ी फैलाना चाहते हैं तथा सच्चाई और वास्तविकता को दबाना चाहते हैं.'

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल : वसूली कर रहे पुलिसकर्मी को लोगों ने पीटा, वीडियो वायरल



' बीजेपी ने विकृत विचार वाली कपट - विद्या का सहारा लिया'
ममता ने लिखा था,  'राममोहन रॉय से लेकर विद्यासागर तथा अन्य महान समाज सुधारकों के समय से बंगाल, मेलबंधन, उन्नति और दूरदर्शिता का आधार रहा है. मगर आज बीजेपी ने विकृत विचार वाली कपट विद्या का सहारा लेकर बंगाल को बड़े ही नकारात्मक तरीके से लक्ष्य बना रखा है. मुझे किसी भी राजनैतिक दल की रैली तथा उनके दल के मतलब के लिए बनाए गए नारों से कोई समस्या नहीं है. प्रत्येक राजनीतिक पार्टी का अपना नारा होता है. मेरी पार्टी का नारा ''जय हिन्द, वन्दे मातरम'' है. वाम पार्टियों का नारा ''इंकलाब जिंदाबाद'' है. इसी प्रकार दूसरों के अलग-अलग नारे हैं. हम एक दूसरे का सम्मान करते हैं.'
Loading...

यह भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने बीजेपी दफ्तर का ताला खुलवाया, खुद पेंट किया, बनाया टीएमसी का निशान

ममता ने लिखा, 'जय सिया राम, जय राम जी की, राम नाम सत्य है आदि नारों का धार्मिक और सामाजिक अर्थ है. हम इन मनोभावों का आदर करते हैं. लेकिन बीजेपी धार्मिक नारे, जय सिया राम को विकृत रूप से अपने पार्टी के नारे के रूप में काम में लगा रही है और इसके माध्यम से धर्म और राजनीति को एक साथ मिला रही है.'


बंगाल की 'दीदी' ने लिखा, 'हम तथाकथित आरएसएस द्वारा दूसरों पर इन जबरदस्ती के थोपे गए राजनीति नारों का सम्मान नहीं करते हैं, जिसे बंगाल ने कभी भी मान्यता नहीं दी. यह जान-बूझकर बर्बरता और हिंसा के जरिये घृणा की विचारधारा को बेचने जैसा है, जिसका हम सभी को मिलजुल कर विरोध करना चाहिए.'





'धर्मनिरपेक्ष विशेषता को अक्षुण्ण रखेंगे'
ममता ने लिखा, 'कुछ लोग कभी-कभी कुछ समय तक कुछ लोगों को भ्रमित कर सकते हैं, लेकिन हमेशा सभी लोगों को भ्रमित नहीं किया जा सकता है. अब राजनीतिक कर्मियों को नियंत्रित करने के लिए सही कार्रवाई करने का समय आ गया है, ताकि वे तथाकथित धर्म की आड़ लेकर लोगों में मतभेद पैदा करने के लिए विकृत विचारधारा का सहारा लेकर उपद्रव, अराजकता, हिंसा और सामान्य जनजीवन को नष्ट करने की गतिविधियों में शामिल न हों.'


यह भी पढ़ें:  'जय श्री राम' पर पोस्टकार्ड के बाद अब ममता को 'Get Well Soon' का कार्ड भेजेंगे BJP कार्यकर्ता

ममता ने लिखा, 'यदि सभी राजनीतिक पार्टियां ऐसी विभेदात्मक और गड़बड़ी फ़ैलाने वाली गतिविधियों का सहारा लेने लगें, तो पूरा वातावरण ही दूषित और अनुत्पादक हो जाएगा. हमें बीजेपी के ऐसे क्रियाकलापों का मजबूती से विरोध करना चाहिए. हम ज़रूर करेंगे, ताकि हमारे संविधान में प्रतिष्ठापित देश की धर्मनिरपेक्ष विशेषता को अक्षुण्ण रख सकें.'



ममता ने आखिर में लिखा, 'मैं देश और राज्य के सभी लोगों से अपील करती हूं कि घृणा की राजनीति को उचित जवाब दें. हमारे देश की महान संस्कृति और विरासत का सम्मान करें. आइए, हम सभी अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व करें. जय हिन्द,जय बांग्ला, जय हे.'
एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
First published: June 3, 2019, 10:51 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...