बंगाल में ‘कटमनी’ बना बड़ा मुद्दा, टीएमसी के कमीशनखोर नेताओं के पीछे पड़ी बीजेपी

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में कटमनी या कमीशनखोरी को इतना बड़ा मुद्दा बना दिया है कि अब जनता भी इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतर आई है. कई मीडिया रिपोर्ट्स से ये जानकारी मिली है कि कटमनी के मुद्दे पर कुछ नेताओं पर हमले तक हुए हैं.

Vivek Anand | News18Hindi
Updated: June 25, 2019, 7:32 PM IST
बंगाल में ‘कटमनी’ बना बड़ा मुद्दा, टीएमसी के कमीशनखोर नेताओं के पीछे पड़ी बीजेपी
कमीशनखोरी को लेकर टीएमसी और विपक्षी नेता आमने सामने हैं और मुख्यमंत्री ममता बनैर्जी को घेरने की कोशिश कर रहे हैं
Vivek Anand | News18Hindi
Updated: June 25, 2019, 7:32 PM IST
पश्चिम बंगाल में एक नए मुद्दे ने एक बार फिर से टीएमसी और बीजेपी को आमने-सामने ला दिया है. मुद्दा है- टीएमसी नेताओं की कमीशनखोरी का. बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी के नेता सरकारी योजनाओं में एक तयशुदा रकम कटमनी यानी कमीशन के तौर पर लेते हैं. आरोप है कि कमीशन लेते तो हैं निचले स्तर के कार्यकर्ता लेकिन असल में रकम ऊपर के नेताओं तक पहुंचती है.

पिछले दिनों सीएम ममता बनर्जी तक ने माना था कि इस तरह की कमीशनखोरी टीएमसी के भीतर चल रही है. टीएमसी के पार्षदों की एक बैठक में उन्होंने कहा था कि वो अपनी पार्टी में चोरों को नहीं रखना चाहतीं. ममता ने कहा था कि कुछ नेता गरीबों को मकान के लिए मिलने वाली सरकारी अनुदान की रकम में से 25 फीसदी कमीशन मांग रहे हैं. यह तुरंत बंद होना चाहिए. ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर किसी ने कमीशन लिया है तो वो इसे फौरन लौटा दे. अब कमीशन लेने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा. ममता बनर्जी के इस बयान के बाद विपक्ष खासतौर पर बीजेपी कमीशनखोरी के मुद्दे पर पूरी तरह से हमलावर हो गई है.

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में कटमनी या कमीशनखोरी को इतना बड़ा मुद्दा बना दिया है कि अब जनता भी इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतर आई है. कई मीडिया रिपोर्ट्स से ये जानकारी मिली है कि कटमनी के मुद्दे पर कुछ नेताओं पर हमले तक हुए हैं. टीएमसी के नेताओं से कहा जा रहा है कि वो ये लिखकर दें कि वो सरकारी योजनाओं से मिलने वाले कमीशन की रकम को लौटा रहे हैं.

कमीशन लौटाने के लिए नेताओं पर हो रहे हैं हमले

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सोमवार को बर्धमान जिले के मंगलकोट में टीएमसी के उपप्रधान बिनय चक्रवर्ती के घर पर गांववालों ने हमला कर दिया. उनकी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. चक्रवर्ती को अपनी जान बचाने के लिए पार्टी दफ्तर में शरण लेनी पड़ी. स्थानीय लोग चक्रवर्ती पर सरकारी योजनाओं में कमीशन लिए जाने का आरोप लगा रहे थे. उनकी डिमांड थी कि चक्रवर्ती कटमनी वापस करें. इस तरह की घटनाएं हुगली, उत्तरी दिनाजपुर, माल्दा, अलीपुरद्वार, बीरभूम, ईस्ट बर्धमान, वेस्ट बर्धमान और वेस्ट मिदनापुर में भी हुई हैं.

रविवार को वेस्ट बर्धमान के टीएमसी नेता उज्ज्वल मंडल को ये लिखित में देना पड़ा कि वो सरकारी योजनाओं के लाभान्वितों को 8 हजार से 10 हजार रुपए तक लौटाएंगे. इसी तरह से मंगलकोट में तीन पंचायत सदस्यों ने लिखित तौर पर दिया है कि वो कमीशन में लिए पैसे लौटाएंगे. कई जगहों पर गांववालों ने पंचायतों का घेराव किया है.

फाइल फोटो

ूंइंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक बीरभूम में एक गर्भवती पंचायत सदस्य को घर छोड़कर भागना पड़ा. उसे डर था कि गांववाले उसके घर पर हमला कर सकते हैं. टीएमसी नेताओं का आरोप है कि बीजेपी के नेता जानबूझकर लोगों को भड़का रहे हैं. टीएमसी के नेताओं का कहना है कि सरकारी योजनाओं में निचले स्तर के कुछ नेता हेराफेरी करते हैं. लेकिन ये बड़े पैमाने पर नहीं होता है. टीएमसी का कहना है कि मोटे तौर पर 1 से 2 फीसदी नेता ही ऐसे मामलों में लिप्त होते हैं. लेकिन बीजेपी इस मामले को तूल दे रही है. टीएमसी का कहना है कि बीजेपी टीएमसी नेताओं के खिलाफ कैंपेन चला रही है. वो आरोप लगा रहे हैं कि कई हमलों में बीजेपी नेताओं का हाथ है.

विपक्ष इस मसले पर बहस कराने पर अड़ा

सोमवार को इस मुद्दे पर कांग्रेस, माकपा और बीजेपी तीनों पार्टियों ने विधानसभा में अध्यक्ष के सामने विरोध प्रदर्शन किया. उनकी मांग थी कि इस मुद्दे पर बहस कराई जाए. जब अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी तो विरोध में कई सदस्य वॉकआउट कर गए. विपक्ष का कहना है कि ममता सरकार ने सरकारी योजनाओं में कमीशनखोरी को रोकने के लिए मॉनिटरिंग सेल का गठन तो किया है. लेकिन पहले के ऐसे मामलों की जांच भी होनी चाहिए. विपक्ष का आरोप है कि निचले स्तर के नेताओं ने 25 फीसदी तक कटमनी लिया है जबकि बड़े नेताओं के कमीशन की रकम 75 फीसदी तक है. इसलिए सिर्फ 25 फीसदी रकम लौटाने से काम नहीं चलेगा.

पिछले दिनों ममत बनर्जी की एक पेटिंग 1.86 करोड़ रुपए में बिकी थी. इसकी भी खूब चर्चा रही थी. अब विपक्ष कह रहा है कि पेटिंग की बिक्री में जो कटमनी ली गई है उसे कौन लौटाएगा. पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने टीएमसी को कई मोर्चों पर घेर रखा है. आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ बीजेपी का प्रतिरोध और तेज हो सकता है.

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