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West Bengal Elections 2021: बंगाल की तेज होती लड़ाई के बीच BJP कार्यकर्ताओं को इन बातों की चिंता

West Begnal 2021: भारतीय जनता पार्टी, इस बार पश्चिम बंगाल में 200 से अधिक सीटों का लक्ष्य लेकर उतरी है. बीजेपी के कार्यकर्ता एक ओर जहां कई अंतर्द्वंद्व से गुजर रहे हैं तो दूसरी ओर वह पूरी उत्साह से ममता सरकार को उखाड़ फेंकना चाहते हैं.
West Begnal 2021: भारतीय जनता पार्टी, इस बार पश्चिम बंगाल में 200 से अधिक सीटों का लक्ष्य लेकर उतरी है. बीजेपी के कार्यकर्ता एक ओर जहां कई अंतर्द्वंद्व से गुजर रहे हैं तो दूसरी ओर वह पूरी उत्साह से ममता सरकार को उखाड़ फेंकना चाहते हैं.

West Begnal 2021: भारतीय जनता पार्टी, इस बार पश्चिम बंगाल में 200 से अधिक सीटों का लक्ष्य लेकर उतरी है. बीजेपी के कार्यकर्ता एक ओर जहां कई अंतर्द्वंद्व से गुजर रहे हैं तो दूसरी ओर वह पूरी उत्साह से ममता सरकार को उखाड़ फेंकना चाहते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 15, 2020, 11:57 AM IST
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पायल मेहता

नई दिल्ली/कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal election 2021) में हर गुजरते हुए दिन के साथ बीजेपी (BJP) के लिए आगामी विधानसभा चुनाव की लड़ाई और तेज होती जा रही है. भाजपा ने राज्य के पांच क्षेत्रों में पांच केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की थी जिसमें सुनील देवधर को मिदनापुर, यूपी के लोकसभा सांसद विनोद सोनकर को रार, राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम को कोलकाता, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री विनोद तावड़े को नबद्वीप, अमित मालवीय को उत्तर बंगाल भेजा गया था.

पिछले महीने राज्य का दौरा करने के बाद, नड्डा को पार्टी पर्यवेक्षकों से एक विस्तृत रिपोर्ट मिली थी, जिसके आधार पर जमीन पर काम शुरू हुआ. सूत्रों का कहना है कि जमीनी स्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद केंद्रीय नेतृत्व को प्रतिक्रिया सौंपी गई है. CNN-News18 के सूत्रों ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता राज्य नेतृत्व और जमीन पर काम करने वालों के बीच संवाद की कमी को लेकर चिंतित हैं. सीएनएन-न्यूज 18 के सूत्रों ने कहा कि हर संभव स्तर पर संवाद शुरू करने की तत्काल जरूरत है.



बीजेपी कार्यकर्ताओं को इस बात का डर
जब से भाजपा ने बंगाल में अपने मिशन की घोषणा की है तब से तृणमूल कांग्रेस और माकपा के लोग BJP में आ चुके हैं. बीजेपी कार्यकर्ताओं को भी डर है कि उनका योगदान और लड़ाई पर ध्यान ना देकर कहीं पाला बदलने वाले नेताओं को पार्टी महत्व दे. इसके अलावा कार्यकर्ताओं को लगता है कि हिंसा की संस्कृति के लिए टीएमसी और सीपीआई-एम को जाना जाता है, वह जल्द ही बीजेपी साथ भी जुड़ जाएगी.

सूत्रों का कहना है कि उनकी रिपोर्ट में केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने नेतृत्व से कहा है कि जमीन पर काम करने वाले राज्य नेतृत्व में बदलाव की लगातार अफवाहों से चिंतित हैं. कथित तौर पर अधिकतर अफवाह उन लोगों ने फैलाई है जो दूसरे दलों से बीजेपी में आए हैं. इन्हीं सबके बीच बीजेपी के कार्यकर्ता उत्साहित हैं और वह ममता बनर्जी का 'भ्रष्टाचार-ग्रस्त और हिंसक शासन' समाप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं.

सीएम योगी प्रचारकों की लिस्ट में नंबर 2 पर
ऑब्जर्वर्स द्वारा दी गई एक लिस्ट में कहा गया है कि राज्य में प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आएं. कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि बांग्ला बोलने वाली केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को अधिक से अधिक प्रचार में मौजूद होना चाहिए.



इनके अलावा, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह जैसे सभी बड़े नेताओं की मांग है. अगले कुछ दिनों में शाह बंगाल का दो दिवसीय दौरा करेंगे. राज्य से संसद सदस्य, राज्य पदाधिकारी, चुनाव प्रभारी और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में राज्य का दौरा करते रहे हैं. BJP अमित शाह द्वारा दिए गए 'फॉर्मूला 23' पर आगे बढ़ेगी. इसमें हर बूथ को मजबूत बनाने की रणनीति है. शाह की यह रणनीति सफलतापूर्वक परखी जा चुकी है.
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