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West Bengal Elections: दूसरे चरण में शख्सियतों की जंग, अधिकारी परिवार और ममता बनर्जी आमने-सामने

सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच कांटे की टक्‍कर. (File pic)

सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच कांटे की टक्‍कर. (File pic)

नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी (Nandigram Seat) बीजेपी की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं. इस जगह पर अधिकारी परिवार का प्रभाव रहा है. वहीं टीएमसी (TMC) प्रमुख और मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) भी इसी सीट से चुनावी मैदान में हैं.

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नंदीग्राम. पश्चिम बंगाल (West Bengal Elections) में दूसरे चरण के लिए गुरुवार को वोटिंग हो रही है. इस दौरान पूर्वी मेदिनीपुर जिले (East Medinipur) की 9 सीटों पर भी मतदान हो रहा है. इसमें नंदीग्राम सीट भी शामिल है. नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी (Nandigram Seat) बीजेपी की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं. इस जगह पर अधिकारी परिवार का प्रभाव रहा है. वहीं टीएमसी (TMC) प्रमुख और मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) भी इसी सीट से चुनावी मैदान में हैं. ऐसे में दूसरे चरण का यह मतदान ममता बनर्जी और अधिकारी परिवार के लिए साख का मामला बना हुआ है. जहां एक ओर बीजेपी अधिकारी परिवार के साथ खड़ी है तो वहीं टीएमसी भी ममता बनर्जी के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ी है.

दूसरे चरण के लिए 30 सीटों पर मतदान हो रहा है. इन 30 विधानसभा सीटों में से सत्‍तारूढ़ टीएमसी ने 2016 में 22 सीटें जीती थीं. जबकि बीजेपी ने महज एक सीट जीती थी. यह सीट खड़गपुर सदर थी. वहीं लेफ्ट ने 5 सीटें जीती थीं और कांग्रेस 2 सीट जीत पाई थी.

टीएमसी यहां अपना प्रभुत्‍व बरकरार रखना चाहती है. ऐसे में ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम सीट से चुनाव मैदान में हैं. यही वह जगह है, जिसने ममता बनर्जी को 2011 में सत्‍ता में आने में काफी योगदान दिया था. बीजेपी ने टीएमसी और ममता पर भ्रष्‍टाचार के आरोप लगाए और टीएमसी ने अपने प्रमुख नेताओं का साथ खोया. ऐसे में ममता बनर्जी ने इन सबको नजरअंदाज करने की अपील की है. इस दूसरे चरण में अधिकारी परिवार बीजेपी का सहारा बना है.



ममता बनर्जी के प्रमुख सिपहसालार रहे शुभेंदु अधिकारी ने 2016 में नंदीग्राम सीट से चुनाव जीता था. इस बार वह बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. उनके पिता ने 2019 में कांथी लोकसभा चुनाव जीता था. वह भी बीजेपी के साथ हैं. उनके भाई दिव्‍येंदु अधिकारी ने 2019 में तामलुक लोकसभा सीट से चुनाव टीएमसी की ओर से जीता था. वह अभी आधिकारिक तौर पर सत्‍तारूढ़ दल के साथ हैं.
बीजेपी के सौमित्र खान ने दो साल पहले यानी 2019 में बिष्‍णुपुर लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीता था. अब बीजेपी इन चुनाव में उनकी इस सफलता को अपनी संभावित जीत के मौके के रूप में देख रही है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिन पहले ही यहां बड़ी रैली की थी. ऐसे में बीजेपी इसे भी जीत की राह आसान करने के कारक के रूप में देख रही है.

नंदीग्राम की चुनावी जंग
दूसरे चरण के चुनाव का मुख्‍य केंद्र नंदीग्राम सीट है. जहां बीजेपी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को हराने के लिए पुरजोर ताकत झोंक रहे हैं. टीएमसी पर लगाए गए कट मनी और भ्रष्‍टाचार जैसे आरोपों के बाद यह सीट को लोगों के बीच सीएम की लोकप्रियता का आकलन करने के लिए एक बैरोमीटर के रूप में मानी जा रही है.

नंदीग्राम के 270,000 मतदाताओं को अलग-अलग धार्मिक जनसांख्यिकी वाले दो ब्लॉकों में विभाजित करने के साथ टीएमसी बड़े ब्लॉक 1 में अपना आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जिसमें 160,000 मतदाता (उनमें से 34% मुस्लिम) हैं. बीजेपी ने ब्लॉक 2 पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है, जिसकी मुस्लिम आबादी बहुत कम है (इस ब्लॉक में लगभग 11% मतदाता हैं).

2019 के लोकसभा चुनावों में टीएमसी को नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के खिलाफ लगभग 68,000 वोटों की बढ़त मिली थी, क्योंकि दिव्‍येंदु अधिकारी ने तामलुक में जीत दर्ज की थी. 2016 में शुभेंदु अधिकारी ने 67% मतों के अंतर के साथ टीएमसी की टिकट पर नंदीग्राम सीट पर बड़ी जीत दर्ज की थी. हालांकि, शुभेंदु के बीजेपी के खेमे के साथ जाने से इस बार समीकरण बदल गए हैं.
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