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बंगाल में ISF से कांग्रेस के गठबंधन करने पर बवाल, अधीर रंजन ने दिया आनंद शर्मा को जवाब

अधीर रंजन चौधरी. (ANI File Photo)

अधीर रंजन चौधरी. (ANI File Photo)

West Bengal Assembly Elections 2021: आनंद शर्मा ने पश्चिम बंगाल में मुस्लिम धर्म गुरु अब्बास सिद्दीकी नीत आईएसएफ से कांग्रेस के गठबंधन करने की सोमवार को आलोचना की थी.

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने पार्टी सहयोगी आनंद शर्मा द्वारा इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ पार्टी के गठबंधन की आलोचना करने पर पलटवार किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि शर्मा पार्टी के हितों को ‘नुकसान’ पहुंचा रहे हैं और उनकी टिप्पणी ‘भाजपा के एजेंडे के अनुरूप है.’ उल्लेखनीय है कि शर्मा ने पश्चिम बंगाल में मुस्लिम धर्म गुरु अब्बास सिद्दीकी नीत आईएसएफ से कांग्रेस के गठबंधन करने की सोमवार को आलोचना की थी और उन्होंने कहा कि यह ‘गांधीवादी एवं नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता’ के खिलाफ है और पार्टी ‘सांप्रदायिकता’ के खिलाफ लड़ाई में चुनिंदा रुख नहीं अपना सकती है.


कई ट्वीट कर चौधरी ने शर्मा को निशाना बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. गौरतलब है कि शर्मा जी-23 समूह के नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठन में आमूल-चूल परिवर्तन करने की मांग की थी. उन्होंने सोमवार देर रात ट्वीट किया, ‘आनंद शर्मा जी इस तथ्य को जान लें कि माकपा नीत वाम मोर्चा पश्चिम बंगाल में धर्मनिरपेक्ष गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है जिसमें कांग्रेस अभिन्न हिस्सा है. हम भाजपा की सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी राजनीति एवं अधिनायकवादी शासन को हराने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’


उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को सीटों में पूरी हिस्सेदारी मिली है. वाम मोर्चा ने अपने हिस्से से नवगठित इंडियन सेक्युलर फ्रंट-आईएसएफ को सीटें दी है. आपके द्वारा माकपा नीत मोर्चे के फैसले को ‘सांप्रदायिक’ कहने से भाजपा के ध्रुवीकरण के एजेंडे को ही फायदा होगा.’ शर्मा ने कोलकाता में आयोजित रैली पर भी सफाई मांगी थी, जिसमें आईएसएफ के नेता मौजूद थे. उन्होंने चौधरी की उपस्थिति को ‘पीड़ादायी और शर्मनाक’ करार दिया था. पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रमुख ने इसके जवाब में कहा, ‘जो भाजपा की जहरीली सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ने को प्रतिबद्ध हैं उन्हें कांग्रेस का समर्थन करना चाहिए और पार्टी के लिए पांच राज्यों में चुनाव प्रचार करना चाहिए, न कि भाजपा के एजेंडे के अनुरूप टिप्पणी कर पार्टी को नुकसान पहुंचाना चाहिए.’




चौधरी ने कहा, ‘मैं प्रतिष्ठित कांग्रेस सदस्यों के खास समूह से आह्वान करूंगा कि वे निजी हितों से ऊपर उठें और प्रधानमंत्री की प्रशंसा करने में समय बर्बाद करना बंद करें. वे पार्टी को मजबूत करने के अपने कर्तव्य का निवर्हन करें, न कि उस पेड़ को नुकसान पहुंचाए जिसने उनका पोषण किया.’ गौरतलब है कि कांग्रेस-वाम मोर्चे और आईएसएफ ने पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा का मुकाबला करने के लिए ‘संयुक्त मोर्चा’ का गठन किया है.

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