Assembly Banner 2021

West Bengal Election 2021: दीदी से प्यार, टीएमसी से नाराज़गी! हल्दिया का आंखों देखा हाल

शनिवार को हल्दिया में ममता बनर्जी की रैली में पहुंचे समर्थक. (Pic- Aman Sharma)

शनिवार को हल्दिया में ममता बनर्जी की रैली में पहुंचे समर्थक. (Pic- Aman Sharma)

West Bengal Election: हल्दिया पूर्वी मिदनापुर जिले में स्थि‍त है और इसे टीएमसी के मजबूत गढ़ में से एक माना जाता है. आने वाले विधानसभा चुनाव की बात करें तो यहां की नंदीग्राम सीट मीडिया के लिए आकर्षण का केंद्र है, क्‍योंकि यहां से उन्‍हें कभी अपने खास रहे शुभेंदु अधिकारी से टक्‍कर मिलने वाली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 12:39 PM IST
  • Share this:
अमन शर्मा
हल्दिया.
'हम दीदी से प्रेम करते हैं, लेकिन उनकी पार्टी ने कुछ किया नहीं. इसे 10 साल हो गए. मैं नहीं कह सकता कि मैं किसे वोट दूंगा.' यह कहना था सुदीप्‍तो पाल का... वह हल्दिया में हो रही मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की रैली के दौरान आधे खाली मैदान में पीछे की ओर खड़े थे. एक तरह से पाल ने पश्चिम बंगाल के इस हिस्‍से में बिना निर्णय वाले और मौन मतदाताओं के भावों को प्रदर्शित किया.

हल्दिया पूर्वी मिदनापुर जिले में स्थि‍त है और इसे ममता बनर्जी के मजबूत गढ़ों में से एक माना जाता है. आने वाले विधानसभा चुनाव की बात करें तो यहां की नंदीग्राम सीट मीडिया के लिए आकर्षण का केंद्र है, क्‍योंकि यहां से उन्‍हें कभी अपने खास रहे शुभेंदु अधिकारी से टक्‍कर मिलने वाली है. शुभेंदु अधिकारी यहां से बीजेपी की टिकट पर चुनाव मैदान में हैं.

ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 2019 के आम चुनाव में तीन लोकसभा क्षेत्रों में फैले 16 विधानसभा क्षेत्रों में से 15 में जीत मिली थी. यहां तक ​​कि भाजपा ने राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 18 पर जीत हासिल की थी. 2016 के विधानसभा चुनावों में टीएमसी ने इन 16 विधानसभा सीटों में से 13 पर जीत दर्ज की थी. अन्‍य पर वामपंथी जीते थे. लेकिन शुभेंदु अधिकारी जो इस क्षेत्र में ममता बनर्जी के खास थे, वह अब बीजेपी में हैं.
ममता बनर्जी की शनिवार को हल्दिया में हुई चुनावी रैली चकित करने वाली है. अधिकांश समर्थक या रैली में पहुंचे लोगों को सिर पर बेसबॉल वाली टोपी और हाथ में ममता बनर्जी की फोटो के साथ देखा जा सकता था. टीएमसी कार्यकर्ताओं की ओर से बांटी गई यह टोपी सूरज की तपिश से बचाने का काम कर रही थी. कुछ समर्थकों ने घर पर मौजूद अपने बच्‍चों के लिए एक्‍सट्रा टोपी भी ले ली थी. रैली के दौरान एक टीएमसी कार्यकर्ता ने कहा कि अगर कोई अपने साथ टोपी घर ले जाता है तो इसका मतलब है कि वह हमेशा पार्टी के प्रति ईमानदार रहेगा और हमें वोट देगा.



करीब आधे खाली मैदान में ममता बनर्जी रैली करने पहुंची थीं. उन्‍होंने बिना समय बर्बाद किए मंच से अपने करीब 30 मिनट के भाषण की शुरुआत कर दी थी. व्‍हीलचेयर पर बैठी हुई उनकी फोटो देखकर रैली में बड़ी संख्‍या में मौजूद महिलाओं के अंदर उनके प्रति सहानुभूति थी. वह इस महीने की शुरुआत में नंदीग्राम में घायल हो गई थीं. वहीं ममता बनर्जी का कहना है कि यह बीजेपी द्वारा उन्‍हें मारने की साजिश का हिस्‍सा था तो विपक्षी पार्टी कह रही है कि यह सिर्फ एक हादसा था.

रैली में मौजूद महिलाओं के समूह की एक महिला ने कहा, 'मैं इससे पहले हुई उनकी एक रैली में शामिल थी. वह स्‍टेज पर इधर-उधर जा जाकर भाषण दे रही थीं. हमें नहीं पता कि उन्‍हें ये चोट कैसे लगी.' इसी बीच एक व्‍यक्ति ने बात काटते हुए प्रतिक्रिया दी कि दीदी मुख्‍यमंत्री बनने के लिए जल्‍द अपने पैरों पर खड़ी होंगी.

इस बीच, ममता बनर्जी मंच से बीजेपी के खिलाफ हमला बोलती हैं. वह नाम लिए बगैर शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधती हैं. इस दौरान उन्‍हें समर्थकों से सराहना मिलती है. यहां तक कि वह उन्हें 'गद्दार' और मीर जाफर तक कहती हैं. मीर जाफर ने बंगाल के आखिरी नवाब सिराजुद्दौला को धोखा दिया था और अंग्रेजों का साथ दिया था. रैली में भीड़ बड़े उत्साह से ममता बनर्जी के 'खेला होबे' को दोहरा रही थी.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले दो दिनों से पूर्वी मिदनापुर में प्रचार कर रही हैं. उन्‍होंने इस दौरान कहा कि कोई भी मोदी का चेहरा नहीं देखना चाहता है. इसके साथ ही उन्‍होंने बीजेपी नेताओं को दुर्योधन और दुशासन तक कह डाला. पीएम मोदी पर उनके हमले लगातार जारी हैं. (यह लेख अंग्रेजी का अनुवाद है. इसे पूरी पढ़ने के लिए यहां CLick करें. यह लेखक के निजी विचार हैं.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज