West Bengal Election 2021: इस शख्स ने लिखा TMC का चुनावी एंथम 'खेला हौबे', टैगोर से है ये कनेक्शन

देबांग्‍शु भट्टाचार्य ने लिखा गाना. (Pic- Twitter)

देबांग्‍शु भट्टाचार्य ने लिखा गाना. (Pic- Twitter)

West Bengal Elections: भट्टाचार्य ने कहा कि ‘खेला होबे’ गीत लोगों से तुरंत संबंध स्थापित करने में कामयाब रहा है. राज्य भर के युवाओं ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2021, 8:55 AM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Elections 2021) को लेकर बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच बेहद दिलचस्‍प चुनावी जंग दिखाई दे रही है. इन चुनावों पर सबकी नजरें हैं. वहीं पश्चिम बंगाल में हो रहे चुनाव में इस बार 'खेला होबे' (khela hobe) की चर्चा लगभग हर व्‍यक्ति की जुबान पर है. इस नारे को ममता बनर्जी ने खूब उछाला है. इस गाने को लिखा है 25 साल के देबांग्‍शु भट्टाचार्य ने. वह टीएमसी के राज्‍य प्रवक्‍ता हैं.

तृणमूल कांग्रेस के नेता देबांग्शु भट्टाचार्य ने जनवरी में मूल रूप से यह गीत लिखा था और यूट्यूब पर अपलोड किया था. तबसे इस गीत में अनेक बदलाव देखे गए हैं. सबसे पहले पार्टी के बीरभूम के नेता अणुब्रत मंडल ने एक रैली में इसे नए बोल देते हुए ‘भयंकर खेला होबे’ लिखा.

भट्टाचार्य ने कहा कि ‘खेला होबे’ गीत लोगों से तुरंत संबंध स्थापित करने में कामयाब रहा है. राज्य भर के युवाओं ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. भट्टाचार्य के लिखे जुमले के बोल हैं, ‘बैरे ठेके बरगी ऐशे. नियम कोरे प्रति माशे. आमियो आची, तुमियो रोबे. बंधु एबर खेला होबे. (हर महीने बाहर से आए लुटेरे राज्य में आ रहे हैं, लेकिन हम उनका सामना करने को तैयार हैं. खेल चालू है.)'

देबांग्‍शु ने बताया कि इसे लिखने के पीछे का मकसद बीजेपी की ओर से की गई टीएमसी को तोड़ने की कोशिश पर निशाना साधना था. क्योंकि बीजेपी यहां टीएमसी में सेंध लगा रही थी. उन्होंने कहा कि हमने सोचा कि इस खेल को खेल से ही मात दी जाए.'


'खेला होबे' गाना उन्होंने 20 मिनट में लिखा है. देबांग्‍शु के अनुसार खेला होबे गाने में रवींद्रनाथ टैगोर की भी एक कविता शामिल है, जिसमें आखिरी दो लाइनों में उन्होंने कहा है कि तोड़मरोड़ का खेल बिगड़ जाता है, जब खेल का आग लगता है.'
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