पश्चिम बंगाल: चौथे चरण की वोटिंग आज, TMC पर दोहरा दबाव, फिर सफल होगी BJP?

चुनाव अधिकारियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. (तस्वीर-AP)

चुनाव अधिकारियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. (तस्वीर-AP)

तृणमूल (TMC) के सामने यह चैलेंज होगा कि चौथे चरण (4th Phase Voting) में बीजेपी (BJP) के बढ़ते प्रभाव को कैसे रोकें और आईएसएफ (ISF) जो नुकसान पहुंचा रही है, उसे कैसे कम किया जाए. वहीं बीजेपी पर भी यह दबाव है कि वह 2019 वाली सफलता को कैसे दोहरा पाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2021, 6:02 AM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में आज चौथे चरण की वोटिंग (4th Phase Voting) होगी. राज्य के पांच जिलों की 44 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. इस चरण में राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को बीजेपी से जबरदस्त टक्कर मिल सकती है. दरअसल आज उन विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है जिनमें 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के वोट प्रतिशत में तकरीबन तीन गुना की वृद्धि हुई थी.

इस चरण में जातीय गणित भी बेहद अहम रोल अदा करने वाला है. जहां अनुसूचित जाति और जनजाति के वोट करीब 28 फीसदी हैं वहीं मुस्लिम वोट 20 फीसदी हैं. राजबंशी समुदाय की आबादी भी अच्छीखासी है जिसका झुकाव अब बीजेपी की तरफ माना जाता है.

इन सीटों पर होना है चुनाव

आज जिन सीटों पर वोटिंग होनी है उनमें कूचबिहार की 9, अलीद्वारपुर की 5, दक्षिण 24 परगना की 11, हावड़ा की 9 और हुगली जिले की 10 विधानसभा सीटें शामिल हैं. साल 2016 के विधानसभा चुनाव में इन 44 सीटों में 39 सीटें जीतकर तृणमूल ने एकतरफा परचम लहराया था. लेकिन इस बार की कहानी बदली गई है.
अब्बास सिद्दीकी बने चुनौती

तृणमूल के लिए बड़ी समस्या आईएसएफ के अब्बास सिद्दीकी बनकर उभरे हैं. दरअसल जो मुस्लिम वोट पहले सीधा टीएमसी की झोली में जाता था वो वह आईएसएफ की वजह से डगमगा सकता है. यही कारण है कि ममता मुस्लिमों से एक जगह वोट करने की अपील भी कर चुकी हैं जिस पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि ममता बनर्जी की अपील बताती है कि अल्पसंख्यक समुदाय टीएमसी से छिटक रहा है.

टीएमसी के सामने दोहरी चुनौती, बीजेपी के सामने सफलता दोहराने का चैलेंज



मनी कंट्रोल पर प्रकाशित एक लेख के मुताबिक तीन चरणों की वोटिंग के बाद ममता बनर्जी को लगने लगा है कि उन्होंने ग्राउंड पर बीजेपी की ताकत को कम करके आंका है. अब उनके सामने यह चैलेंज होगा कि चौथे चरण में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को कैसे रोकें और आईएसएफ जो नुकसान पहुंचा रही है, उसे कैसे कम किया जाए. वहीं बीजेपी पर भी यह दबाव है कि वह 2019 वाली सफलता को कैसे दोहरा पाएगी.
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