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जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्रों ने राज्यपाल धनखड़ को दिखाया काला झंडा, कहा- 'BJP कार्यकर्ता वापस जाओ'

इससे पहले भी कई बार राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ कई बार विवाद हो चुका है.
इससे पहले भी कई बार राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ कई बार विवाद हो चुका है.

पश्चिम बंगाल में राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankar) और ममता सरकार के बीच तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 23, 2019, 3:33 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bemgal) में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार और राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankar) के बीच तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. ताजा घटनाक्रम में जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadhavpur University) में छात्रों ने जगदीप धनखड़ गो बैक के नारे लगाए. साथ ही उन्हें काले झंडे और पोस्टर दिखाए. इतना ही राज्यपाल गाड़ी से निकल ही नहीं पाए. मिली जानकारी के अनुसार राज्यपाल जादवपुर विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह में गए थे. विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र धनखड़ को 'बीजेपी' नेता बता रहे थे.

इससे पहले जानकारी दी गई थी कि यादवपुर विश्वविद्यालय ने विशेष दीक्षांत समारोह का आयोजन नहीं करने का शनिवार को फैसला किया था जिसे कुलाधिपति और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ संबोधित करने वाले थे. यह फैसला छात्रों द्वारा उन्हें काला झंड़ा दिखाने की धमकी देने के बाद किया गया था.

विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार स्नेहामंजू बसु ने बताया था कि वार्षिक दीक्षांत समारोह, जिसमें कुलाधिपति की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है, का आयोजन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार 24 दिसंबर को ही होगा. सभी विश्वविद्यालयों में विशेष दीक्षांत समारोह के दौरान प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को मानद डॉक्टरेट डिग्री प्रदान की जाती है और इसके बाद वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन होता है





ममता ने दिया था विवादित बयान
इससे धनखड़ को सीएम ममता बनर्जी ने भी ‘भाजपा का मुखपत्र’ (BJP mouthpiece) बताया था. ममता ने कहा था- 'वह विधानसभा के अंदर हमारे साथ बुरा व्यवहार कर रहे हैं. मैं उनके (धनखड़) जीवन और करियर में अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करती हूं.'

उन्होंने कहा था, ‘मुझे लगता है कि हर किसी को शिष्टाचार का पालन करना चाहिए. मैं सात बार संसद के लिए चुनी जा चुकी हूं, दो बार मैंने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की. कोलकाता, दिल्ली (Delhi) कहीं भी विपक्षी दलों के नेताओं से मिलती हूं तो मैं भी यह (शिष्टाचार) निभाती हूं.’

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