बंगाल पंचायत चुनाव: नंबर 1 पार्टी बनी TMC, बीजेपी ने लेफ्ट को पछाड़ा

पश्चिम बंगाल में बीजेपी अब विपक्ष की रूप में सुनिश्चित है. देर शाम तक आए पंचायत नतीजों में यह साफ है की तृणमूल भले ही अधिकतम सीटें जीत कर सत्ता को मजबूत रख रही है, लेकिन बीजेपी ने लेफ्ट और कांग्रेस को कहीं पीछे छोड़ दिया है.

मोहम्मद शफी शम्सी
Updated: May 17, 2018, 9:07 PM IST
बंगाल पंचायत चुनाव: नंबर 1 पार्टी बनी TMC, बीजेपी ने लेफ्ट को पछाड़ा
पश्चिम बंगाल में बीजेपी अब विपक्ष की रूप में सुनिश्चित है. देर शाम तक आए पंचायत नतीजों में यह साफ है की तृणमूल भले ही अधिकतम सीटें जीत कर सत्ता को मजबूत रख रही है, लेकिन बीजेपी ने लेफ्ट और कांग्रेस को कहीं पीछे छोड़ दिया है.
मोहम्मद शफी शम्सी
Updated: May 17, 2018, 9:07 PM IST
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हुए पंचायत चुनाव में 9270 सीटें जीतकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली. पंचायत चुनावों में जहां टीएमसी नंबर वन पार्टी बनकर उभरी, वहीं बीजेपी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए लेफ्ट को पछाड़ा है. अभी कई जगहों पर काउंटिंग जारी है. इस बीच टीएमसी प्रमुख और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी है.

पश्चिम बंगाल में बीजेपी अब विपक्ष की रूप में सुनिश्चित है. देर शाम तक आए पंचायत नतीजों में यह साफ है की तृणमूल भले ही अधिकतम सीटें जीत कर सत्ता को मजबूत रख रही है, लेकिन बीजेपी ने लेफ्ट और कांग्रेस को कहीं पीछे छोड़ दिया है. 31000 हज़ार से अधिक ग्राम पंचायत सीटों में जिनके लिए चुनाव हुए. शुरुआती रुझानों में तृणमूल 19000 सीटें पार कर चुकी थी, लेकिन विपक्षी दलों में बीजेपी दूसरे नंबर पर है. लेफ्ट और कांग्रेस दोनों ही काफी पीछे रह गए हैं.

पंचायत समिति और ज़िला परिषद के नतीजे धीमे रहे और इन में तृणमूल को देर शाम तक बड़ी सफलता मिली. अगर पंचायतों के नतीजों को उदाहरण माना जाए, तो आने वाले चुनावों में जिनमें 2019 प्रमुख हैं, बीजेपी का परफॉर्मेंस बेहतर होना चाहिए. वहीं, बाकी विरोधियों को अब समझना होगा की उनके राजनीतिक बचाव के लिए अभी काफी मेहनत करनी होगी. एक और महत्वपूर्ण संख्या निर्दलीय उम्मीदवारों की है.



बंगाल के पंचायत चुनावों को स्थानीय फ़ैक्टर्स से जोड़ कर देखा जाता है. बिजली, पानी, सड़क की कहानी ही पंचायत चुनावों से जुड़ी होती है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या इन परिणामों को सामने रख 2019 के लोकसभा चुनावों के बारे में विश्लेषण करना ठीक होगा? इसमें दो राय नहीं है कि बीजेपी ने बढ़िया प्रदर्शन किया और बाक़ी पार्टियों के लिए विपक्ष में सबक लेने का समय है, लेकिन क्या 2019 में भी चुनाव शांतिपूर्वक हो पाएंगे?


बता दें कि सोमवार को हुई वोटिंग के दौरान राज्य के कई इलाकों में हिंसक घटनाएं हुई थी. जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे. इसके बाद राज्य के 20 जिलों में से 19 जिलों के 568 बूथों पर बुधवार को दोबारा मतदान कराया गया.

बुधवार को 568 बूथों पर छिटपुट हिंसक घटनाओं के बीच मतदान संपन्न हुए. दिनाजपुर के ग्वालपोखर के हामदाम गांव में हिंसक झड़प हुई, जिसमें एक शख्स की मौत की खबर है. इसके अलावा बूथ से तो भीड़ ने बैलट बॉक्स ही लूट लिया था.

इस बीच केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार से पंचायत चुनाव में हुई हिंसा के लेकर दूसरी रिपोर्ट मांगी है. एक अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा है कि वह चुनावी हिंसा के बारे में विस्तृत रिपोर्ट भेजे, क्योंकि राज्य द्वारा भेजी गई पहली रिपोर्ट अधूरी है.

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