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पश्चिम बंगाल: TMC के साथ साझेदारी की तलाश में RJD, 15 साल पहले जीती थी एक सीट

तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)
तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)

West Bengal Election 2021: RJD के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि पार्टी बंगाल-बिहार सीमा पर स्थित कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना तलाश रही है. हालांकि सीटों की संख्या नहीं बताई जिन पर राजद चुनाव लड़ने की योजना बना रही है.

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में इस साल विधानसभा चुनाव (Assembly Election) होने हैं. खास बात है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP), तृणमूल कांग्रेस (TMC), कांग्रेस (Congress) और वाम दलों (Left Parties) जैसी बड़ी पार्टियों के अलावा कई पार्टियां भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं. बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में लड़ने के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के साथ बातचीत कर रही है.

राजद के प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी और राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी के साथ गठबंधन पर बातचीत के लिए कोलकाता में हैं. रजक ने पीटीआई-भाषा से कहा, 'हम साथ मिलकर बंगाल चुनाव लड़ने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे.' सिद्दीकी और रजक कोलकाता में बनर्जी से चर्चा करने से पहले उनकी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं.

राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पटना से फोन पर बताया कि पार्टी बंगाल-बिहार सीमा पर स्थित कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना तलाश रही है. हालांकि उन्होंने उन सीटों की संख्या नहीं बताई जिन पर राजद चुनाव लड़ने की योजना बना रही है. पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं.



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तिवारी ने कहा कि बनर्जी के राजद प्रमुख लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और पार्टी बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष के हाथों को मजबूत करना चाहती है. प्रवक्ता ने कहा कि राजद का प्राथमिक लक्ष्य पश्चिम बंगाल में 'सांप्रदायिक' भाजपा के प्रभाव को रोकना और ममता बनर्जी के नेतृत्व में धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करना है.

राजद की नजर बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा पर कुछ सीटों पर है जहां हिंदी भाषी मतदाताओं की अच्छी खासी आबादी रहती है. राजद का वाम मोर्चा के शासन काल में 2006 से 2011 के बीच पश्चिम बंगाल में एक विधायक था. वहीं, फिलहाल टीएमसी भी बागी हुए नेताओं का सामना कर रही है. ममता सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री रहे शुभेंदु अधिकारी के बाद कई बड़े नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. शनिवार को राज्य के पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी ने भी चार अन्य टीएमसी सदस्यों के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया है.
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