पश्चिम बंगाल में बवाल, परीक्षा में पूछा गया जय श्रीराम के नारे से क्या होता है नुकसान

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के हुगली जिले के सरकारी स्कूल में एग्जाम के दौरान पूछा गया था सवाल, बीजेपी (BJP) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) सरकार पर उठाए सवाल.

News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 12:44 PM IST
पश्चिम बंगाल में बवाल, परीक्षा में पूछा गया जय श्रीराम के नारे से क्या होता है नुकसान
पश्चिम बंगाल : परीक्षा में जय श्रीराम के नारे से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में पूछा गया
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Updated: August 9, 2019, 12:44 PM IST
पश्चिम बंगाल (West Bengal) में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के दौरान जय श्रीराम का नारा अहम मुद्दा बनकर उभरा था. सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने बीजेपी (BJP) पर आरोप लगाया था कि उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान जान-बूझकर इस नारे के जरिए राज्य में हिंसा फैलाने का काम किया. अब खबर है कि पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में एग्जाम के दौरान भी इससे जुड़े सवाल पूछे गए हैं.

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सरकारी स्कूल में 10 के एग्जाम चल रहे हैं. कोलकाता से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित अकना यूनियन हाईस्कूल में बच्चों के प्रश्न पत्र में भी ऐसे ही दो सवाल पूछे गए हैं. बच्चों से प्रश्न किया गया है कि जय श्रीराम के नारे से समाज पर क्या दुष्प्रभाव पड़ रहा है? इसी के साथ एक और सवाल ने बच्चों को हैरान किया है. बच्चों से पूछा गया है कि कट मनी के पैसे लौटाकर भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार का साहसिक कदम कैसा रहा?

जानकारी के मुताबिक 10वीं की यह परीक्षा 5 अगस्त को हुई थी. इसमें छात्रों से दो में से एक टॉपिक पर अखबार के लिए रिपोर्ट लिखने को कहा गया है. बच्चों से सवाल किया गया है कि जय श्रीराम के नारे का समाज पर होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताएं जबकि दूसरे सवाल में पूछा गया है कि कट मनी के पैसे लौटाकर भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार का साहसिक कदम कैसा रहा?

बच्चों से परीक्षा में पूछे गए इस सवाल पर भाजपा में नाराजगी जाहिर की है. भाजपा के हुगली जिला संगठनात्मक इकाई के अध्यक्ष सुबीर नाग ने स्कूलों पर सरकार का मुखपत्र होने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि वे लोग हम पर शिक्षा के भगवाकरण का आरोप लगाते हैं लेकिन अब उन्हें खुद सोचना चाहिए कि वो क्या कर रहे हैं. शिक्षक सरकार के गुलाम बन गए हैं. इसकी निंदा करने के लिए मेरे पास पर्याप्त शब्द नहीं हैं.
First published: August 9, 2019, 12:44 PM IST
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