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बंगाल: डायनिंग हॉल विवाद, विजयवर्गीय बोले- बच्चों को धर्म की अफीम से दूर रखें

News18Hindi
Updated: June 29, 2019, 11:41 AM IST
बंगाल: डायनिंग हॉल विवाद, विजयवर्गीय बोले- बच्चों को धर्म की अफीम से दूर रखें
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, बच्चों को तो धर्म की अफीम से दूर रखों

बीजेपी के महासिचव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर कहा कि ममता सरकार के इस आदेश से शिक्षा के मंदिरों में धार्मिक विभेद पनपने का खतरा पैदा हो गया है.

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  • Last Updated: June 29, 2019, 11:41 AM IST
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पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा 70 प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक छात्रों वाले सरकारी स्कूलों में मिड डे मील के लिए डायनिंग हॉल के निर्माण का निर्देश देने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस पर राज्य में धार्मिक भेदभाव करने का आरोप लगाया है. हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इससे इनकार किया है.

सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह एक पुराना परिपत्र है, जिसे काफी पहले वापस ले लिया गया था. लेकिन किसी गुमराह अधिकारी ने उसे जारी कर दिया. यह मामला तब प्रकाश में आया जब बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने इसपर राज्य की ममता सरकार को घेरा. उनके ट्वीट के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई, चारों तरफ इसको लेकर प्रतिक्रियाएं आने लगीं.

'बच्चों को तो धर्म की अफीम से दूर रखें'

बीजेपी के महासिचव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर कहा कि ममता सरकार में धर्म की खाई बढ़ गई है. उन्होंने ट्वीट किया, "ममता राज में स्कूलों में धर्म की खाई !!! पश्चिम बंगाल में अब मुस्लिम बहुल इलाकों के सरकारी स्कूलों में अलग डाइनिंग हॉल बनेंगे! ममता सरकार के इस आदेश से शिक्षा के मंदिरों में धार्मिक विभेद पनपने का खतरा पैदा हो गया है! बच्चों को तो धर्म की अफीम से दूर रखों!"




'आदेश को गलत तरीके से पेश किया गया'

बता दें कि पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘‘यह राज्य सरकार के कथित निर्देश, जिसमें 70 फीसदी या उससे अधिक अल्पसंख्यक छात्र वाले स्कूलों में मध्याह्न भोजन के लिए भोजन कक्ष बनाने को लेकर सोशल मीडिया पर आई कुछ भ्रामक और पूरी तरह से असत्य खबरों के संदर्भ में है.’’ बयान में कहा गया कि मिड डे मील योजना को सफलतापूर्वक लागू करने और राजकीय विद्यालयों में साफ-सुथरे रसोईघर और भोजन कक्ष बनाने जैसे संबंधित बुनियादी ढांचा के निर्माण के लिए, राज्य सरकार विभिन्न शिक्षा-संबंधित विभागों के बजट से धन मुहैया कराती है.

'ममता सरकार ने आवंटित किए 200 करोड़'

इस साल, राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने 4,647 प्राथमिक, और 1,524 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को कवर करने वाले मध्याह्न भोजन योजना के तहत भोजन कक्ष के निर्माण के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. बयान में कहा गया, हालांकि, स्कूलों में अभी भी मध्याह्न भोजन योजना के लिए भोजन कक्ष की भारी मांग है और यही कारण है कि अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने खाना पकाने के कक्ष और भोजन कक्ष के निर्माण के लिए राज्य के पात्र स्कूलों को धन दिया है.’’

'सभी समुदाय के बच्चों को लिए ये सुविधा'

इसी प्रकार, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों की अधिकता वाले स्कूलों के लिए, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा महत्वपूर्ण वित्त पोषण प्रदान किया जाता है. हालांकि, बनाया गया कोई भी ढांचा और सुविधाएं सभी के लिए खुले हैं, चाहे वे किसी भी समुदाय के हों.

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First published: June 29, 2019, 11:39 AM IST
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