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केंद्र के ऐलान के बाद ममता की घोषणा- राज्य में 'देसनायक दिबस' के तौर पर मनाई जाएगी नेता जी की जयंती

बंगाल में सुभाष चंद्र बोस की जयंती को देसनायक दिबस के तौर पर मनाया जाएगा (फाइल फोटो)
बंगाल में सुभाष चंद्र बोस की जयंती को देसनायक दिबस के तौर पर मनाया जाएगा (फाइल फोटो)

Subhash Chandra Bose Birth Anniversary: ममता बनर्जी के इस ऐलान से पहले मंगलवार को ही केंद्र सरकार के नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ''पराक्रम दिवस'' के तौर पर मनाने का फैसला किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 20, 2021, 7:52 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal CM Mamata Banerjee) ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) की जयंती 23 जनवरी को देसनायक दिबस (Desnayak Dibas) के तौर पर मनाया जाएगा. ममता बनर्जी के इस ऐलान से पहले मंगलवार को ही केंद्र सरकार के नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ''पराक्रम दिवस'' के तौर पर मनाने का फैसला किया है. ममता बनर्जी ने पुरुलिया में केंद्र सरकार के फैसले को लेकर कहा कि "मुझे पराक्रम का सही मतलब नहीं पता है, इसके 3-4 अर्थ हो सकते हैं इसलिए इस बारे में मैं अभी चर्चा नहीं कर सकती."

बता दें केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ''पराक्रम दिवस'' के तौर पर मनाने का निर्णय लिया है. बोस की 125वीं जयंती 23 जनवरी को मनाई जाएगी. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोस की 125वीं जयंती के मौके पर 23 जनवरी को कोलकाता में पहले पराक्रम दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे और नेशनल लाइब्रेरी मैदान में एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन करेंगे.

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पटेल ने कहा कि पश्चिम बंगाल के 200 पटुआ कलाकार 400 मीटर लंबे कैनवास पर चित्रकारी करेंगे, जिसमें बोस के जीवन को दर्शाया जाएगा. वहीं, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ओडिसा के कटक में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां बोस का जन्म हुआ था.

गुजरात में भी आयोजित किया जाएगा कार्यक्रम
इसके अलावा, बोस की जंयती के मौके पर गुजरात के सूरत में स्थित हरिपुरा गांव में एक भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां बोस वर्ष 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे.

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मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती को मनाने के लिए 85 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है जो साल भर के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगी.
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