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तेज गर्मी से ना हों परेशान, जल्‍द पहाड़ों पर होने वाली है बर्फबारी, उत्‍तर भारत में गिरेगा पारा!

उत्‍तर भारत की बात की जाए तो मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान बेहद तेजी से बढ़ा है. (Image: news18)

उत्‍तर भारत की बात की जाए तो मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान बेहद तेजी से बढ़ा है. (Image: news18)

वरिष्‍ठ मौसम विज्ञानी महेश पालावत कहते हैं, 'देखिए 4 फरवरी के बाद न तो बर्फबारी हुई है और ना ही उत्‍तर भारत में बारिश. अभी तक कोई वेस्‍टर्न डिस्‍टबेंस भी नहीं आया है, जिससे पहाड़ों पर बर्फबारी होती. जब बारिश होती है, तब जाकर टेम्‍परेचर में कमी आती है. अभी नॉर्थ इंडिया में सनशाइन ज्‍यादा और मौसम बेहद शुष्‍क है, ऐसे में गर्मी देखने को मिल रही है'.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 5, 2021, 10:29 AM IST
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नई दिल्‍ली : दिल्ली-मुंबई (Delhi-Mumbai) की तरह देश के तमाम शहरों में भी इस साल उम्मीद से ज़्यादा और समय से पहले गर्मी पड़ने लगी है. गर्मी (Summer 2021) के शुरुआती दिनों में ही पारा इतना ऊपर जा रहा है कि मार्च में ही देश के कई हिस्‍सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की प्रबल संभावनाएं दिख रही हैं. मौसम विशेषज्ञों का भी कहना है कि मध्‍य और दक्षिण भारत पर मौसम की मार देखने को मिलेगी, क्‍योंकि वहां मौसम बेहद शुष्‍क है और आने वाले समय में कोई मौसमी बदलाव नहीं दिखेगा.

इस वजह से उत्‍तर भारत में पड़ रही तेज गर्मी
उत्‍तर भारत की बात की जाए तो मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान बेहद तेजी से बढ़ा है और गर्मी सताने लगी है. तेज धूप खिली होने के चलते लोग बेहद गर्मी का एहसास कर रहे हैं. ऐसा होने की वजह क्‍या है, वरिष्‍ठ मौसम विज्ञानी महेश पालावत कहते हैं, 'देखिए 4 फरवरी के बाद न तो बर्फबारी हुई है और ना ही उत्‍तर भारत में बारिश. अभी तक कोई वेस्‍टर्न डिस्‍टबेंस भी नहीं आया है, जिससे पहाड़ों पर बर्फबारी होती. जब बारिश होती है, तब जाकर टेम्‍परेचर में कमी आती है. अभी नॉर्थ इंडिया में सनशाइन ज्‍यादा और मौसम बेहद शुष्‍क है, ऐसे में गर्मी देखने को मिल रही है'.

2 पश्चिमी विक्षोभ देंगे गर्मी से राहत
उन्‍होंने आगे बताया कि अब 5 से 7 मार्च तथा 9 से 11 मार्च के बीच अच्‍छा खासा पश्चिमी विक्षोभ देखने को मिलेगा, जिससे पहाड़ों पर अच्‍छी खासी बर्फबारी हो सकती है. पंजाब एवं हरियाणा तक हमें बारिश देखने को मिल सकती है. पहाड़ों और बर्फबारी और कई राज्‍यों में बारिश का सीधा असर उत्‍तर भारत के मैदानी इलाकों में पड़ेगा, जिससे तेज ठंडी हवाएं पहाड़ों से मैदानों की तरफ चलेंगी और तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी.



इन क्षेत्रों के लिए आने वाला मौसम कठिन रुख ही दिखाएगा
हालांकि मध्‍य और दक्षिण भारतीय राज्‍यों के लिए मौसमी लिहाज़ से अच्‍छी खबर नहीं है. यहां मौसम बेहद शुष्‍क होने के चलते पारे में कोई कमी नहीं आने वाली है, बल्कि अधिकतम तापमान और बढ़ने की पूरी उम्‍मीद है. महेश पालावत कहते हैं कि भुवनेश्‍वर, दक्षिणी मध्‍य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, उड़ीसा में तापमान पहले से ही 40 के पार जा चुका है. इन क्षेत्रों के लिए आने वाला मौसम कठिन रुख ही दिखाएगा.
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