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राखी बंधवाने की शर्त पर यौन शोषण के आरोपी को बेल देने का मामला पहुंचा SC

राखी बंधवाने की शर्त पर यौन शोषण के आरोपी को बेल देने का मामला पहुंचा SC

जस्टिस एमए खानविलकर की अगुवाई वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की.

जस्टिस एमए खानविलकर की अगुवाई वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की.

यौन शोषण (sexual harassment) के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh HC) ने 'राखी बंधवाने की शर्त' पर एक आरोपी को बेल दे दी थी. इसे लेकर 9 महिलाओं वकीलों ने सुप्रीमकोर्ट में अपील की है. याचिकाकर्ताओं की मांग है कि देशभर के हाईकोर्ट्स और ट्रायल कोर्ट्स इस तरह की शर्तों से परहेज करें.

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    नई दिल्ली. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh HC) ने बीते जुलाई महीने में यौन शोषण (sexual harassment accused) के एक आरोपी को इस शर्त पर बेल दे दी थी कि वह पीड़ित लड़की से राखी बांधने की प्रार्थना करेगा. लेकिन इस बेल को लेकर विवाद बढ़ गया है. 9 महिला वकीलों ने इस बेल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. महिला वकीलों का तर्क है कि देशभर की अदालतों में ऐसी शर्तों के आधार पर बेल मिलनी बंद होनी चाहिए. ऐसी शर्तें कानून के सिद्धांत के खिलाफ हैं.

    कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया
    इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एएम खानविलकर अगुवाई वाली खंडपीठ ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से राय रखने को कहा है. कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है. याचिकाकर्ताओं के वकील संजय पारेख ने कोर्ट के समक्ष कहा कि ये अपील असाधारण स्थितियों में फाइल की गई है. उन्होंने कहा कि ऐसी शर्तें पीड़ित के कष्ट को महत्वहीन साबित करती हैं. संजय पारेख ने तर्क दिया-ऐसी शर्तें कानून के सिद्धांतों के खिलाफ हैं. इस तरह के मामले बार-बार देखे जा रहे हैं.

    'पूरे देश की कोर्ट को ऐसी शर्तों से परहेज की मांग'
    बेंच ने संजय पारेख से पूछा कि क्या आप अपनी बात सिर्फ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के लिए कह रहे हैं या फिर पूरे देश के लिए? इस पर पारेख ने जवाब दिया-वो पूरे देश की कोर्ट को लेकर अपनी बात कह रहे हैं. याचिकाकर्ता की मांग है कि पूरे देश में हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट्स इस तरह की शर्तों से परहेज करें.



    गौरतलब है कि अपने निर्णय में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा था कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ पीड़िता के घर जाए और साथ में राखी और मिठाइयां भी ले जाए. वह पीड़िता से राखी बांधने की प्रार्थना करे. कोर्ट ने पारंपरिक तौर पर रक्षाबंधन में भाइयों द्वारा बहनों को दिए जाने वाले पैसों के तौर पर पीड़िता को 11 हजार रुपए भी देने की बात कही थी.undefined

    Tags: Madhya pradesh news, Molestation, Sexual Harassment, Supreme Court

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