• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • केरल: 80% जांचें RAT के भरोसे, लचर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, जानें केंद्र की टीम को राज्य में क्या मिला

केरल: 80% जांचें RAT के भरोसे, लचर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, जानें केंद्र की टीम को राज्य में क्या मिला

कई राज्यों में दूसरी लहर का असर कम होता दिख रहा है, लेकिन केरल में मरीजों का ग्राफ ऊपर जा रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

कई राज्यों में दूसरी लहर का असर कम होता दिख रहा है, लेकिन केरल में मरीजों का ग्राफ ऊपर जा रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

Covid-19 in Kerala: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल (Lav Agarwal) ने जानकारी दी कि राज्य में जिलों को टीपीआर के आधार पर A, B, C और D वर्ग में बांटा गया है. इन जिलों में वर्ग के आधार पर ही पाबंदियां लगाई गई हैं, लेकिन अभी तक अनुमानित परिणाम नहीं मिले हैं.

  • Share this:

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी की बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर केरल पहुंची केंद्र की 6 सदस्यीय टीम का दौरा जारी है. इसी बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने टीम की तरफ से मिली जानकारियां साझा की हैं. राज्य के सबसे प्रभावित जिलों में शामिल मलप्पुरम (Malappuram) को लेकर उन्होंने बताया कि यहां टेस्ट पॉजिटिविटी रेट में बढ़त दर्ज की गई है. जिले का मौजूदा टीपीआर लगभग 17.26 फीसदी है. खास बात यह है कि कई राज्यों में दूसरी लहर का असर कम होता दिख रहा है, लेकिन केरल में मरीजों का ग्राफ ऊपर जा रहा है. बीते हफ्ते देश के कुल मरीजों में से 49.85 फीसदी केरल में मिले थे.

    मंगलवार को राज्य में कोरोना वायरस के 23 हजार 676 नए मरीज मिले थे. इस दौरान 15 हजार 626 मरीज स्वस्थ्य हुए और 148 लोगों ने जान गंवाई. नए आंकड़ों को मिलाकर राज्य में एक्टिव केस की संख्या 1 लाख 73 हजार 221 पर पहुंच गई है. वहीं, टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 11.87 प्रतिशत रहा.

    रणनीति का नहीं मिलता लाभ
    संयुक्त सचिव अग्रवाल ने जानकारी दी कि राज्य में जिलों को टीपीआर के आधार पर A, B, C और D वर्ग में बांटा गया है. इन जिलों में वर्ग के आधार पर ही पाबंदियां लगाई गई हैं, लेकिन अभी तक अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं. राज्य सरकार के मुताबिक, 5% से कम टीपीआर वाले जिलों को A वर्ग में रखा गया है. जबकि, 5-10% टीपीआर को B, 10-15% को C में शामिल किया गया है. D में वे जिले शामिल हैं, जहां टीपीआर 15% से ज्यादा है.

    यह भी पढ़ें: कोरोना दूसरी लहर: केरल में 1.12 गुना तो मध्य प्रदेश में 2.86 गुना बढ़ा मौत का आंकड़ा

    RAT पर निर्भरता ज्यादा
    टीम ने पाया है कि राज्य में 20% RT-PCR जांचें हो रही हैं. जबकि, 80% नमूने रैपिड एंटीजन टेस्ट्स से जांचे जा रहे हैं. केंद्रीय टीम ने RT-PCR टेस्टिंग बढ़ाने की सलाह दी है. अग्रवाल ने जानकारी दी कि टीम ने राज्य में ठीक तरह से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की सिफारिश की है. खबर है कि मलप्पुरम में 91 फीसदी मामले होम आइसोलेशन में हैं, जिसका मतलब है कि परिवार के सभी सदस्य काफी जोखिम में हैं और उनकी जांच होना जरूरी है.

    संयुक्त सचिव के अनुसार, टीम ने यह भी पाया है कि जिले में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का अनुपात 1:1.15 है. जबकि, केंद्र सरकार ने कहा है कि यह अनुपात 1:15 या 1:20 होना चाहिए. उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों का सामना कर रहे मरीजों को भी संस्थागत देखभाल के लिए प्रोत्साहन देना चाहिए. साथ ही टीम ने टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में तेजी लाने की सलाह दी है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज