वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से जब 2022 में घाटा 100 अरब डॉलर तक पहुंचने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि कोई भी देश किसी भागीदार के साथ आयात में वृद्धि नहीं चाहता है.(Image- News18)
नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance minister Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को कहा कि दिन भर के व्यस्त शेड्यूल के बाद वे शास्त्रीय और कर्नाटक संगीत सुनती हैं और अच्छी नींद लेती हैं. यह बात उन्होंने नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कही. बजट के बाद किसी भी निजी न्यूज़ नेटवर्क पर पहला इंटरव्यू देते हुए निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण की भी सराहना की, जो देश के कल्याण के लिए काम करने के लिए पूरे कैबिनेट को बढ़ावा देना जारी रखता है. उन्होंने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमारे पास ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनके पास देश के लिए एक महान दृष्टि है. हम अपने पीएम के कारण अच्छा काम कर पाते हैं और वे हम सबकी मदद करते हैं.
नई कर व्यवस्था और व्यक्तिगत कर में संशोधन के बारे में पूछे जाने पर, वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी हमेशा व्यक्तिगत कर प्रणाली को सरल बनाना चाहते थे. उनका मानना था कि किसी भी भारी भरकम दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए. पीएम मोदी बहुत स्पष्ट थे कि करदाताओं को वास्तव में पता होना चाहिए कि वे क्या भुगतान कर रहे हैं और वे कम्फर्टेबल महसूस करें.’ उन्होंने आगे आशा व्यक्त की कि लगभग 50 प्रतिशत लोग नई व्यवस्था में बदल जाएंगे.
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बजट में विकास और राजकोषीय प्रबंधन दोनों को संतुलित किया
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने करदाताओं के लिए नई आयकर व्यवस्था को और अधिक आकर्षक बना दिया है और मध्यम वर्ग के लाभ के लिए इसकी संरचना में ‘पर्याप्त परिवर्तन’ लाए हैं. बजट 2023-24 में वैकल्पिक कर व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है, जिसे 2020-21 में पेश किया गया था. बजट पेश करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि यह ऐसा बजट है जिसमें विकास और राजकोषीय प्रबंधन दोनों को खूबसूरती से संतुलित किया गया है.
नई कर व्यवस्था में 7 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को कोई आयकर नहीं देना होगा
बजट में व्यक्तिगत आयकर के संबंध में पांच प्रमुख घोषणाएं की गई हैं. नई कर व्यवस्था में छूट सीमा बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी गई है जिसका मतलब यही है कि नई कर व्यवस्था में 7 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को कोई आयकर नहीं देना होगा. नई व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था में कर ढांचे को परिवर्तित कर दिया गया है जिसके तहत स्लैबों की संख्या को घटाकर अब 5 स्लैब कर दिए गए हैं और कर छूट सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है. इससे नई कर व्यवस्था में सभी करदाताओं को व्यापक राहत मिलेगी.
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